संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बीमार एवं दिव्यांग बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य मुख्यालय से जिले के आठ बच्चों की हृदय शल्य चिकित्सा की स्वीकृति मिल गई है। हरियाणा सरकार से अनुबंधित नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम में इसका निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्स्ना ने बताया कि अबूजर खान, अतीक अहमद सहित अन्य बच्चे इस सूची में शामिल हैं।
वहीं, सुनने में अक्षम पांच बच्चों को सुनने के यंत्र उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जबकि दस अन्य बच्चों को जल्द ही ये यंत्र दिए जाएंगे। उप सिविल सर्जन डॉ. रजनीकांत के अनुसार, बच्ची जारा खान के कर्णावर्त प्रत्यारोपण के लिए पीजीआई चंडीगढ़ से 5.95 लाख रुपये का अनुमान प्राप्त हुआ है। इसके लिए स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र, मांडीखेड़ा में जन्मजात हृदय रोग, सुनने-बोलने में परेशानी और विकास में देरी से प्रभावित बच्चों को निःशुल्क परामर्श व उपचार दिया जाता है।