संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। लंबे समय से बीपीएल प्लॉटों पर कब्जा पाने की उम्मीद लगाए बैठे लाभार्थियों को एक बार फिर झटका लगा है। खंड़ के गांव मांडीखेड़ा में बीपीएल परिवारों को वर्ष 2010 में आवंटित किए गए प्लॉटों पर कथित अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन द्वारा शुरू की गई कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। ग्रामीणों द्वारा एसडीएम को शिकायत दिए जाने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गांव पहुंची और प्लॉटों की पैमाइश तथा जांच प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान एक मामले में कोर्ट केस से संबंधित तथ्य सामने आने पर अधिकारियों ने आगे की प्रक्रिया रोक दी। प्रशासन का कहना है कि न्यायालय से जुड़े मामले को ध्यान में रखते हुए बिना पूरी जांच के कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
पीड़ित रमेश ने बताया कि लंबे समय से अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे परिवारों को अब भी इंतजार है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद उन्हें उनका हक मिलेगा। मौके पर मौजूद क्षेत्र के एनिमेट पर्सन नितिन दूबे ने कहा कि प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही इसका समाधान निकाला जाएगा।
इस संबंध में बीडीपीओ विशाल आजाद ने बताया कि पैमाइश के दौरान एक कोर्ट केस की जानकारी सामने आई है। इसलिए निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकी गई है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा तथा पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।