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Palwal News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर बगैर रोकटोक के चल रही हैं दर्जनों प्राइवेट बसें

Mon, 27 May 2024 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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होडल। नेशनल हाईवे पर दिल्ली से लेकर आगरा व अन्य जगहों पर बगैर रोकटोक के चलने वाली प्राइवेट बसें आजकल लोगों में बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कहने को प्राइवेट बसें लोगों को जहां अपने गंतव्य तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं, वहीं प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये महीने के राजस्व का चूना भी लगा रही हैं। राजमार्ग पर दिन रात चलने वाली बसें एक सत्तासीन बड़े रसूखदार राजनेता की बताई जा रही हैं। मजेदार बात यह है कि राज्य परिवहन विभाग के किसी भी अधिकारी को बसें या तो दिखाई नहीं देती हैं या फिर वह सत्तासीन नेताओं के सामने पूरी तरह अपने आप को समर्पित किए हुए हैं। सभी बसें स्थानीय बस स्टैंडों के निकट से ही होकर निकलती हैं, लेकिन उसके बावजूद भी विभागीय अधिकारी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने में पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं।
विडम्बना यह है कि ये बसें हरियाणा रोडवेज के मिलते जुलते रंगों की हैं। बसों में तैनात परिचालक अपनी मनमर्जी के हिसाब से यात्रियों के किराया वसूलते हैं और बदले में किसी भी प्रकार का कोई टिकट नहीं दिया जाता। विभागीय अनदेखी के चलते ये बसें रोडवेज को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगा रही हैं। बस चालकों की गुंडागर्दी पूरी चरम सीमा पर है। बताया जाता है कि अगर कोई यात्री बस कंडक्टर से किराये को लेकर विरोध करता है तो कहा जाता है कि यह बस हरियाणा रोडवेज की है और उन्होंने किराये पर लिया हुआ है।
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राजमार्ग पर राज्य परिवहन की बसें कम और निजी बसों की संख्या अधिक

होडल से दिल्ली या आगरा मथुरा की तरफ जाने वाले दैनिक यात्रियों को घंटों तक बसों के इंतजार में चौराहों पर खड़े होने को मजबूर होना पड़ता है। राजमार्ग पर प्रदेश सरकार की बसें कम और प्राइवेट बसें अधिक संख्या में चलती दिखाई देती हैं। पिछले कई सालों से बसों की बाढ़ सी आई हुई है। हरियाणा रोडवेज की बसें उपलब्ध नहीं होने के बाद महिला पुरुष यात्री इन्ही निजी बसों में सफर करने को मजबूर होते हैं। विडम्बना यह है कि बसों के कंडक्टर किसी भी जगह पर जाने वाली यात्री को बैठा लेते हैं और बल्लभगढ़ या बार्डर पर पहुंचकर उन्हें नीचे उतारकर देते हैं और कहते हैं कि स्टैंड से गुड़गांव या दिल्ली के लिए आपको बस मिल जाएगी। इस कारण महिला पुरुष यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दैनिक यात्री रमनलाल, कैलाश चन्द, विजय कुमार, मनोज, जीतू आदि का कहना था कि जब हरियाणा रोडवेज की बसें समय पर उपलब्ध नहीं होती हैं तो यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों में यात्रा करनी पड़ती है। ये बसें एक थ्री व्हीलर की तरह जगह-जगह रुकती हुई चलती हैं और अगर कोई यात्री विरोध करता है तो बस में कंडक्टरों के तौर पर सवार युवक उसके साथ अभद्रता से पेश आते हैं। दैनिक यात्रियों का कहना था कि ईको वैन में सवारियां भरकर चलने वालों के खिलाफ तो आरटीए विभाग या सम्बंधित विभाग के अधिकारी उन्हें रोककर भारी भरकम जुर्माना वसूलते हैं, लेकिन प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में चलने वाली बसें अधिकारियों को दिखाई तक नहीं देती हैं और न ही कभी इन बसों के चालान कटने जैसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उन्होंने बताया कि समय पर हरियाणा रोडवेज की बसें उपलब्ध नहीं होने के कारण निजी बसों में मनमर्जी किराया देकर सफर करने को विवश होना पड़ता है। दैनिक यात्रियों ने सरकार से पर्याप्त संख्या में राज्य परिवहन की बसें उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
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