राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शुक्रवार को डॉक्टरों व नर्सों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। एचबीएस (हेल्पिंग बेबी सर्वाइव) नाम से आयोजित कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर ने सरकारी और निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान होने वाली लापरवाहियों को दूर करने के तरीके बताए।
नवजात शिशुओं के जन्म के बाद शुरुआती 28 दिनों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत कार्यशाला लगाई गई है। कार्यशाला का शुभारंभ सीमओ डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता ने किया। कार्यशाला में नवजात शिशुओं को खान-पान संबंधी जानकारी भी दी गई।
कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पंकज ग्रोवर ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 1000 शिशुओ में से 36 जन्म के बाद शुरुआती एक साल में मर जाते हैं। यह दर पिछले साल 41 थी जो की घट कर 35 हुई है। कार्यशाला में डॉ. मनमोहन, डॉ. अजय सिसोदिया, डॉ. मनोज, स्टाफ नर्स वीणारानी, राजबाला, अमरवती, गुंजन, रेनू, सुमन बाला व सुनीता आदि मौजूद रहे।