पलवल (अनूप पाराशर)। जिला नगर आयुक्त मोनिका गुप्ता महिला जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। वह पार्षद चुनी गईं महिलाओं को घर के चूल्हा-चौके के साथ-साथ बाहर निकलकर जनसेवा करने के लिए जागरूक करने में जुटी हुई है। जागरूकता का नतीजा है कि अब महिला पार्षद न सिर्फ अपने वार्ड के विकास पर खुद ध्यान देती हैं, बल्कि नगर परिषद की बोर्ड बैठकों में भी हिस्सा लेती हैं।
पलवल में प्रथम महिला आईएएस अधिकारी मोनिका गुप्ता को जिला नगर आयुक्त तैनात किया गया है। नगर आयुक्त के पद पर उन्होंने सबसे पहले पलवल का जायजा लिया व पार्षदों की बैठक बुलाई। पहली बैठक में उन्होंने देखा कि महिला पार्षदों के बजाय उनके पति या परिवार के सदस्य मौजूद थे। यह देख महिला पार्षदों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया। सभी महिला पार्षदों को घर से बाहर निकलकर शहर के विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया। शहर में सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं को आगे लाकर विकास व स्वच्छता जैसे मुद्दों में शामिल किया। नतीजा यह निकला कि आयुक्त के साथ शहर की महिला पार्षदों के अलावा सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाएं भी काम करने लगीं। आयुक्त मोनिका गुप्ता का कहना है कि आज के समय में महिलाओं को आगे आना चाहिए व घर की जिम्मेेदारी के अलावा समाज की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। जो महिलाएं जनप्रतिनिधि चुनी जाती हैं, उन्हें घर में नहीं बैठना चाहिए, बल्कि जिस क्षेत्र से वे जनप्रतिनिधि चुनी गई हैं, उसमें विकास कराने के अलावा स्वच्छता व पर्यावरण के क्षेत्र में भागीदारी देनी चाहिए। उनका कहना है कि बेटियों को शिक्षित करें। बेटियां शिक्षित होंगी तो समाज भी शिक्षित होगा।
वर्जन-
आईएएस बनवाने में माता-पिता का पूरा योगदान रहा है। जब कोचिंग लेने जाती थीं तो पिता या भाई साथ जाते थे। हमें अपनी बेटियों को शिक्षित करना चाहिए और सामाजिक दायित्वों को निभाने में भूमिका निभानी चाहिए। - मोनिका गुप्ता, जिला नगर आयुक्त