शहर बिगड़ी हुई सफाई व्यवस्था को लेकर परेशान है। जिला प्रशासन ने समय-समय पर शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के ख्वाब तो दिखाए, लेकिन धरातल पर उनकी हवा निकलती रही। हालात यह हैं कि जहां-तहां लगे गंदगी के ढेर जिला प्रशासन से पूछ रहे हैं, क्या हुआ तेरा वायदा।
सफाई को लेकर जिला प्रशासन ने पिछले दिनों सभी 31 वार्डों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर सफाई के दावे किए थे। विज्ञप्तियां जारी कर उन सभी के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए थे, लेकिन वह अधिकारी कहीं भी नजर नहीं आए। इस पर व्हाट्सएप नंबर जारी करने की घोषणा की गई, ताकि लोग सफाई संबंधी शिकायत उस पर कर सकें, लेकिन अभी तक लोग उन नंबरों का इंतजार कर रहे हैं। शहर की सफाई व्यवस्था वर्षों से बिगड़ी हुई है।
चाहे शहर में कोई वीआईपी आए या त्योहारी सीजन हो, यहां की हालत कभी नहीं सुधरती। पड़ोसी जिले फरीदाबाद में नगर निगम के कमिश्नर रहते उसे स्मार्ट सिटी की दौड़ तक पहुंचाने वाले अधिकारी दिसंबर माह में जब डीसी बन कर आए थे तो शहर वासियों को दिन बदलने की उम्मीद जागी थी, लेकिन यहां तो हालात आज भी जस के तस हैं।