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Palwal News: पोर्टल पर पंजीकरण में दिक्कत

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धान की बोली 4900 रुपये तक, सरकारी खरीद का इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए शुरू की गई मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल परेशानी का कारण बन चुका है। किसानों को 31 अगस्त तक पंजीकरण का समय दिया गया था। कई किसान निर्धारित अवधि में पंजीकरण नहीं कर सके। इसके बाद पोर्टल दोबारा खोला गया, लेकिन अब पंजीकरण कराने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इसको देखते हुए किसानों ने पंजीकरण की अंतिम तिथि 27 सितंबर से बढ़ाकर 30 सितंबर करने की मांग की है।

31 जुलाई तक जिले के 27,766 किसानों ने 1,60,850 एकड़ जमीन का पंजीकरण कराया है। किसानों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में यह कम है।
दूसरी ओर, मंडियों में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों को गेट पास बनवाने में भी दिक्कत आने की आशंका है। इसके अलावा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मिलने वाली सब्सिडी का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।
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मंडी में सीवर का गंदा पानी हो रहा ओवरफ्लो

मंडी प्रशासन की ओर से मंडी में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन परिसर में सीवर का गंदा पानी ओवरफ्लो होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जगह-जगह जमा गंदे पानी में कीड़े पनप रहे हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।

इन दिनों मंडियों में धान की आवक शुरू हो गई है। इसके चलते मंडी में किसानों और अन्य लोगों की आवाजाही भी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से दुर्गंध के साथ-साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में किसानों ने मंडी परिसर में सीवर की समस्या का जल्द समाधान कराने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
24 घंटे बनेंगे गेट पास

मंडियों में धान की आवक शुरू होने के साथ किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। किसानों की सुविधा को देखते हुए गेट पास बनाने की व्यवस्था 24 घंटे कर दी गई है। मंडी एनालिस्ट देवेंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष से ही गेट पास बनाने की व्यवस्था 24 घंटे की गई है, ताकि मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मंडियों में बृहस्पतिवार को धान की बोली 4900 रुपये प्रति क्विंटल तक रही। अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। उम्मीद है कि अक्टूबर की शुरुआत तक सरकारी खरीद शुरू हो सकती है।
किसानों से बातचीत
पंजीकरण नहीं होने के कारण चिंता बनी हुई है कि किसान दी जाने वाली सुविधाओं और योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रह जाएं। - ओम प्रकाश, किसान

पंजीकरण कराने का प्रयास किया, पर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। समय पर पंजीकरण नहीं होने से योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। - टेकचंद, किसान
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सरकार से मांग है कि पोर्टल को 30 सितंबर तक खुला रखा जाए, ताकि वंचित किसान पंजीकरण और सुविधाओं का लाभ उठा सकें। - महेंद्र सिंह चौहान, किसान नेता

पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसके चलते किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी परेशानी हो रही है। - गौरव तेवतिया, जिलाध्यक्ष, आढ़ती एसोसिएशन


वर्जन
सीवर के गंदे पानी के ओवरफ्लो होने का मामला संज्ञान में आया है। ब्लॉक नालियों को साफ करने का काम कराया जा रहा है, ताकि पानी की निकासी हो सके। - बलवान, मंडी सुपरवाइजर

मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किसान 27 सितंबर तक अपने निकटतम एसडीएम कार्यालय में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। - सुनील, एसडीओ, कृषि विभाग
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