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उपायुक्त के आदेश के बाद भी केएमपी एक्सप्रेसवे से नहीं हटे ढाबे

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पलवल। जिला उपायुक्त ने करीब दो माह पहले कुंडली-पलवल-मानेसर (केएमपी) एक्सप्रेसवे से लगती जमीन पर सभी ढाबों को हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, अब तक ढाबे नहीं हटाए गए हैं। केएमपी एक्सप्रेसवे से लगती जमीन पर ढाबे और चाय के खोखे खुले पड़े हैं, जोकि कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। रात में ढाबे और चाय के खोखे बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। लेकिन, इस तरफ न तो जिला प्रशासन का ध्यान है और न ही राजमार्ग प्राधिकरण व पुलिस का। हालात ये हैं कि इन ढाबों के कारण एक्सप्रेसवे पर नो पार्किंग होने के बावजूद ट्रक और बड़े वाहन खड़े रहते हैं।
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पलवल से मानेसर होते हुए कुंडली तक जाने वाले केएमपी एक्सप्रेसवे से लगती जमीन पर ढाबे खोलना मना है। क्योंकि, जमीन से करीब 15 फुट ऊंचाई पर एक्सप्रेसवे का निर्माण भी इसी कारण से किया गया था ताकि कोई मवेशी मार्ग पर चढ़ नहीं पाए। इससे हादसे भी कम होने की संभावना है। लेकिन, केएमपी एक्सप्रेसवे निर्माण के एक साल बाद ही पास के गांवों के लोगों ने ढाबे बना लिए और जमीन से 15 फुट ऊंचाई तक मिट्टी डालकर नीचे उतरने का रास्ता बना दिया। इस कारण चालक वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर नीचे ढाबों पर खाना और चाय पीने चले जाते हैं।
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ढाबों पर आराम करने के लिए चारपाई का भी इंतजाम
केएमपी एक्सप्रेसवे के किनारे बने ढाबों पर चालकों के लिए चारपाई का भी इंतजाम है, ताकि वे कुछ देर आराम कर सकें। इसके अलावा नहाने आदि की भी व्यवस्था की गई है। साथ ही ढाबों पर हुक्का और शराब का भी इंतजाम है। इस कारण ट्रक चालक कई-कई घंटे ढाबों पर बैठे रहते हैं। इससे एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
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अंधेरे में हादसे का खतरा अधिक
एक्सप्रेसवे पर वाहनों के खड़े होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। क्योंकि, सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को आगे का दिखाई नहीं देता है। रात के समय दुर्घटना का खतरा अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि एक्सप्रेसवे के अधिकांश स्थानों पर लाइटें भी नहीं जलती हैं। ऐसे में अंधेरा होने के कारण हादसे होने का डर बना रहता है।
बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए दिए थे आदेश
बढ़ती दुर्घटनाओं और लूटपाट की वारदात को देखते हुए उपायुक्त ने दो महीने पहले राजमार्ग प्राधिकरण, पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए थे कि इन ढाबों को तुरंत बंद कराया जाए। लेकिन, अब तक हालात जस के तस बने हैं।
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चालकों से करते हैं लूटपाट
इन ढाबों के कारण आसपास के गांवों के बदमाश रात को सक्रिय हो जाते हैं, जो ढाबों पर रुकने वाले वाहन चालकों को लूट का शिकार बनाते हैं। इस तरह की घटनाएं केएमपी पर आम हो गई हैं।
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जल्द ही केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ लगती जमीन पर बने ढाबों को हटवाया जाएगा। इसके लिए राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। पुलिस टीम भी लगाई जाएगी। अवैध रूप से ढाबा चलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। - नरेश नरवाल, उपायुक्त पलवल
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