होडल के पथवारी मंदिर के बाहर दीप जलाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
नवरात्र के पांचवें दिन बुधवार को मंदिरों में खूब रौनक देखने को मिली। सूर्योदय के साथ ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में प्रवेश होना शुरू हो गया। यह सिलसिला शाम तक चलता रहा। मंदिरों में और आसपास के बाहर माता के जयकारे गूंजते रहे। बुधवार को मां जगदंबा के चौथे स्वरूप देवी कुष्मांडा की पूजा हुई।
शहर के लक्ष्मी नारायण मंदिर, कलूटी हनुमान मंदिर, जंगेश्वर मंदिर, देवी मां का मंदिर, पंचवटी मंदिर, सनातन धर्म मंदिर व काली माता मंदिर में खूब चहल-पहल दिखी।
वहीं होडल के मंदिरों में सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ शुरू हो गई जो देर शाम तक चली ।
प्राचीन पथवारी माता के दर्शनों को लेकर मंदिर कमेटी द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में माता के दर्शनों के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। आसपास के गांवों से माता के दर्शनों के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु एक दिन पहले ही मंदिर प्रांगण में पड़ाव डाल देते हैं। मंदिर पुजारी भगवत दयाल व अरुण पाठक ने बताया कि अष्टमी की रात को मंदिर प्रांगण में मां भगवती का जागरण किया जाएगा।