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बढ़ती महंगाई के विरोध में किसानों का प्रदर्शन

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पलवल। देश में बढ़ती महंगाई के विरोध में बृहस्पतिवार को किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने के समीप प्रदर्शन किया। इस दौरान हाथों में गैस सिलिंडर उठाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं बढ़ते तेल की कीमतों के विरोध में बैलगाड़ी लेकर पहुंचे और रस्सी से गाड़ी को खींचकर विरोध जताया। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने के विरोध में किसानों ने अचार से सूखी रोटी खाई। वहीं वाहन चालकों से राजमार्ग पर मानव श्रृंखला बनाकर किसान आंदोलन को समर्थन देने की भी अपील की।
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सुबह से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर धरना स्थल पर पहुंचने लगे। दोपहर करीब 12 बजे किसानों ने प्रदर्शन शुरू किया। धरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार तानाशाह रवैया अपनाए हुए है। आज हर वर्ग इस सरकार के जुल्मों का शिकार हो रहा है। किसान व मजदूर के विरुद्ध कानून लाए जा रहे हैं। अब महंगाई इतनी बढ़ा दी है कि आम आदमी को गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद ने कहा कि देश में पहली बार देश में इतनी महंगाई हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है कि डीजल की कीमतें सौ रुपये के पार हुई हैं। किसानों को डीजल की आवश्यकता पड़ती है, जिसे सरकार ने बढ़ा दिया है। सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीब लोगों को निशुल्क गैस सिलिंडर तो बांट दिए, लेकिन आज गैस की बढ़ती कीमतों के चलते लोग उन्हें भरवाने में असमर्थ हैं। महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार किसान, कमेरे व मजदूर विरोधी है। कोरोना महामारी के चलते पहले से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था और तालाबंदी ने बहुत ही गहरी चोट मारी है, जिस कारण आम आदमी का जीवन दूभर हो गया है। ऊपर से महंगाई आसमान छू रही है। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के दाम अपनी रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर है। देश व प्रदेश में बेरोजगारी दर अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ी दी गई है। सरसों का तेल, रिफाइंड व घी की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। इस मौके पर धर्मचंद घुघेरा, डॉ. रघुवीर सिंह, राजकुमार ओलिहान, राजेश रावत बहीन, राहुल तंवर, उदय चंद सरपंच, नरेंद्र गहलब, किशन चंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
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ताली और थाली की तर्ज पर बजाए हॉर्न
किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी की तर्ज पर वाहनों के हॉर्न बजाकर बढ़ती तेल की कीमतों का विरोध किया। इस दौरान किसानों ने गाड़ियों में रस्सी बांधकर हाथों से खींचा। हाथों में खाली गैस के सिलिंडर उठाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि प्रधानमंत्री ताली व थाली बजवाकर कोरोना को देश के भगाना चाहते थे, उसी प्रकार किसान वाहनों को हॉर्न बजाकर महंगाई की मार से छुटकारा पाना चाहते हैं।
स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर बनाई मानव श्रृंखला
किसानों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानव श्रृंखला बनाई। इस दौरान किसानों ने वाहन चालकों से किसान आंदोलन को समर्थन देने की अपील की। मानव श्रृंखला के माध्यम से किसानों ने कहा कि केवल किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले ही किसानों से वोट मांगने के लिए आए, वरना उनका विरोध किया जाएगा। यह बात उन्होंने तख्तियों पर भी लिखवाई।
सुरक्षा को लेकर पुलिस बल रहा तैनात
किसानों के प्रदर्शन को लेकर सुबह से ही धरना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस दंगा रोधी सामान के साथ धरना स्थल पर डटे रहे। हालांकि किसानों को प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा, इसलिए टकराव की स्थिति नहीं बनी।
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