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उपायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन

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पलवल। सर्व कर्मचारी संघ द्वारा शुक्रवार को पुरानी पेंशन, डीए व एलटीसी बहाल करने, कच्चे कर्मियों को पक्का करने व छंटनी किए गए कर्मियों को बहाल करने आदि मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री के नाम 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया।
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प्रदर्शन से पहले जिला प्रधान राजेश शर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के प्रांगण में सामूहिक धरना दिया। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष आर सी जग्गा, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष धर्मचंद, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान बिधू सिंह, यादराम व सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी, मेकैनिकल वर्कर यूनियन के नेता बीर सिंह व बिजली कर्मचारी नेता राजकुमार डागर, उदयबीर, वेदपाल तेवतिया विशेष रूप से मौजूद थे। संचालन जिला सचिव योगेश शर्मा ने किया। कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी सीटू से जुड़े मजदूरों व रिटायर कर्मचारियों ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ जुलूस निकालते हुए किसानों के धरना स्थल पर पहुंच कर आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सुभाष लांबा ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो अप्रैल में राज्य के सभी कैबिनेट व राज्य मंत्रियों के आवासों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष समेत सभी विपक्षी दलों के विधायकों से बजट सत्र में कर्मचारियों के मुद्दों और जन सेवाओं के निजीकरण के मुद्दे को उठाने की मांग की। किसान आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए आंदोलन का समर्थन करने पर निलंबित किए गए कर्मियों को बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे पहले सभी विधायकों एवं सांसदों को मांग पत्र दे चुके हैं।
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केरल सरकार की तर्ज पर कर्मियों व पेंशनर्स के डीए को बहाल करने की मांग की। कहा कि विनिवेश के नाम पर जनता के खून पसीने व टेक्स पेयर्स से खड़े किए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्कलोड के अनुसार नए पद सृजित कर बेरोजगारों को रोजगार देने की बजाय सरकार ने 6 साल बाद टीजीटी अंग्रेजी व पीजीटी संस्कृत की भर्ती को ही रद्द कर दिया है।
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