संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) में स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान की परियोजना के तहत स्किल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला की गई। उद्योग कौशल में भविष्य की वर्कफोर्स की आवश्यकताएं विषय पर आयोजित कार्यशाला में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने युवाओं के लिए आवश्यक कौशल और रोजगार की बदलती जरूरतों पर चर्चा की। परियोजना निदेशक एवं इंडस्ट्री रिलेशंस विभाग की निदेशक चंचल भारद्वाज ने कहा कि उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच मजबूत समन्वय के साथ मांग आधारित प्रशिक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता और उद्योग की जरूरतों के बीच मौजूद स्किल गैप को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से उनके आवश्यक स्किल सेट पर चर्चा की।
परियोजना सह-निदेशक डॉ. दलीप रैना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उद्योग की जरूरतों को समझने और कौशल अंतर को दूर करने पर जोर दिया। संवाद सत्र में बायो मेड से रविंदर रावत, फीनिक्स से सतीश कुमार, ट्रिनिटी टच से गजेंद्र सिंह, एलोफिक से कृष्ण कांत व नंदिनी, फ्लोवेल से जितेंद्र कौशिक और जयम इंडस्ट्रीज से हरिओम सहित अन्य उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
चर्चा में उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ अनुशासन, संचार कौशल, डिजिटल दक्षता और व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाना जरूरी है। इसके लिए स्कूल, आईटीआई, विश्वविद्यालय और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
सरकारी विभागों व संस्थानों की ओर से राजकीय आईटीआई दीघोट के प्रधानाचार्य इंद्रजीत सिंह, करमबीर, डीआईसी पलवल से सोमदत्त और राजकीय आईटीआई हथीन से मनोहर लाल शामिल हुए। कार्यशाला में विश्वविद्यालय टीम से उप निदेशक पंकज कुमार, डॉ. नीरू कलहेर, नीलम रानी और डॉ. कोमल भी मौजूद रहीं।