कागज पर चल रही कंपनियों के दो डायरेक्टर व दो चार्टड अकांउटेंट गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, गुरुग्राम ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश किया है। फर्जी कंपनियों खोलकर आरोपी तीन साल तक ट्रांजेक्शन करते रहे। फर्जीवाड़े में कागज पर चल रही कंपनियों के दो डायरेक्टर और दो चार्टड अकाउंट टेंट शामिल थे। छानबीन में शामिल आया कि आरोपियों ने सीजीएसटी को 200 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है। उन्हें सीजीएसटी की टीम ने शनिवार को डयूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उन्हें भोंडसी जेल भेज दिया है।
सीजीएसटी अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ऑटो सर्विस क्षेत्र की प्रसिद्ध फर्म के दो पूर्व सह-संस्थापक शामिल हैं। इनके साथ दो चार्टर्ड अकाउंटेंट भी पकड़े गए हैं। गिरोह फर्जी कंपनियों का गठन कर धन का कृत्रिम स्तरीकरण करता था। वे वस्तुओं की वास्तविक आपूर्ति के बिना इनवॉइस की हेराफेरी करते थे। अरोपियों ने मुख्य फर्म साउथ सिटी के एक मकान के पते पर रजिस्टर्ड कर रखी है। एक चार्टड एकाउंटेंट ने फर्जी पते पर 23 कंपनियां रजिस्टर्ड कर रखी थी, जबकि दूसरे चार्टड एकाउंटेंट का काम सब कुछ को ठीक करना था। चारों आरोपी अच्छे संस्थानों से पढ़े हैं और उनकी उम्र 30 से 35 साल के बीच में है। एक आरोपी महाराष्ट्र, दो गुरुग्राम और तीसरा दिल्ली का रहने वाला है। एजेंसी मामले की जांच के दौरान आरोपियों व कंपनियों का नाम गुप्त रख रही है।
वर्जन
ऑटो पार्ट स्पेयर का काम करने वाली कंपनी के फर्जी रजिस्ट्रेशन के आधार पर 200 करोड़ रुपये की ठगी हुई है। दो कंपनी डायरेक्टर और दो चार्टड अकांटटेंट को गिरफ्तार किया गया है। जांच चल रही है।
-कर्ण सिंह, सहायक आयुक्त, कर अपवंचन, सीजीएसटी, गुरुग्राम