पलवल। सरकार की घोषणा के मुताबिक गेहूं खरीद के 24 घंटे में किसानों को अदायगी नहीं की जा रही है। इससे किसानों में रोष बना हुआ है। दो अप्रैल को जिन किसानों द्वारा मंडी में गेहूं बेचा गया है, उनके खाते में छह दिन बीतने के बाद भी पैसा नहीं आया है। इससे किसान अब परेशान होकर मार्केट कमेटी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब तक नहीं मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा 24 घंटे में पैसा खाते में जमा कराने की बात कही थी, वह पूरी तरह से झूठी है। अब वे आढ़तियों से भी बात नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें गेहूं खरीद का सारा पैसा जल्द मिलना चाहिए।
वहीं पलवल अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को वारदाना न मिलने के कारण मंडी में गेहूं की सही खरीद हो पा रही है। उधर मंडियों में आजतक हुई खरीद के बाद गेहूं का उठान भी ठीक से न होने के चलते आढ़ती व किसान परेशान हैं। आढ़तियों ने अधिकारियों को चेेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार सुबह तक वारदाना नहीं मिला तो खरीद नहीं की जाएगी।
पलवल अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को 53 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। जबकि धतीर में 13 हजार, चांदहट में 11 हजार, हसनपुर में 45 हजार, बडौली में 8289 क्विंटल की खरीद हो चुकी है। इस खरीद के बावजूद मंडियों में किसानों का लाखों क्विंटल गेहूं बिकने के लिए पड़ा है। मंडियों में अब सबसे बड़ी समस्या उठान की आ रही है। एफसीआई का उठान तो ठीक तरह से हो रहा है, लेकिन हैफेड व अन्य एजेंसियों के उठान में दिक्कत आ रही है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि उठान ठीक चल रहा है।
आढ़तियों ने की बैठक
सरकार की किसानों के खाते में सीधा पैसा डालने को लेकर आढ़तियों ने बृहस्पतिवार को बैठक की। मंडी एसोसिएशन के प्रधान गौरव तेवतिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हैफेड के अधिकारियों पर वारदाना उपलब्ध कराने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया। प्रधान गौरव ने बताया कि यदि शुक्रवार सुबह तक वारदाना नहीं मिला खरीद नहीं करने देंगे। साथ ही किसानों के खाते में भी सीधे पर पैसे डालने पर आपत्ति जताई गई। बाद में आढ़ती अपनी समस्याओं को लेकर उपायुक्त से भी मिले।
फसल 2 अप्रैल को मंडी में ले जाकर बेच दी थी। उस समय सरकार के निर्देशानुसार आश्वासन मिला था कि 24 घंटे में अदायगी हो जाएगी, लेकिन आज तक अदायगी नहीं हुई है। इससे परेशानी हो रही है। उन्हें पैसों की जरूरत है, लेकिन पैसा अभी तक खाते में नहीं आया है।
- हरस्वरूप, किसान, सौंदहद
फसल एक अप्रैल को ही बेच दी थी, लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी मेरे खाते में पैसा नहीं आया है। पहले तो आढ़ती से पैसा उठा लेते थे, लेकिन अब आढ़ती भी नहीं देगा। सरकार के दावे झूठे साबित हो रहे हैं, अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं।
-पप्पू, किसान होडल
पहले आढ़ती से पैसे लेकर कंबाइन वाले तथा मजदूरों को निपटा दिया करते थे, लेकिन अब सरकार की तरफ से खाते में पैसे आने की बात पर आढ़ती भी पैसा उधार नहीं दे रहा है। बड़ी समस्या हो गई है। सात दिन गेहूं बेचे हो गए हैं, लेकिन पैसा खाते में नहीं आया है।
-कन्हैया, किसान बाता
सरकार की तरफ से जिन किसानों का गेहूं खरीद जा चुका है, उनके खाते में पैसा डालने की प्रक्रिया चल रही है तथा जल्द ही किसानों के खाते में पैसा आ जाएगा। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
-नरवीर गहलौत, सचिव मार्केट कमेटी