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Palwal News: इंटरचेंज की मांग को लेकर धरना दे रहे किसान की मौत, जमकर हुआ हंगामा

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किसानों ने की शहीद का दर्जा, आश्रित को सरकारी नौकरी व 50 लाख रुपये की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी

हथीन। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर मंडकौला के निकट इंटरचेंज की मांग को लेकर चल रहे धरने में 72 वर्षीय किसान की मौत हो गई। किसान धरना स्थल पर शनिवार रात को मौजूद था। रविवार सुबह करीब चार बजे गांव मंडकौला निवासी रामखिलाड़ी की मौत की सूचना अन्य किसानों को मिली। किसान की मौत की सूचना मिलने पर भारी संख्या में भीड़ धरना स्थल पर पहुंच गई और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।



किसानों की मांग थी कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, बेटे को सरकारी नौकरी व मृतक को शहीद का दर्जा दिया जाए। मौके पर जिला उपायुक्त नेहा सिंह व जिला पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल को बुलाने की मांग की। मौके पर पहुंचे अतिरिक्त उपायुक्त हितेष कुमार मीणा, हथीन एसडीएम लक्ष्मीनारायण व डीएसपी रतनदीप बाली ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डागर पाल के चौधरी धर्मवीर, मुकेश डागर एडवोकेट सहित संघर्ष समिति के सदस्यों ने वार्ता की। वार्ता के बाद अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार मीणा ने बताया मृतक रामखिलाड़ी के परिवार के एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी, 10 लाख रुपए देने, अधिक मुआवजे के लिए सरकार से सिफारिश करने तथा शहीद का दर्जा दिलाने के लिए सरकार को फाइल भेजने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया गया, जहां शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया।
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मंडकौला-नौरंगाबाद कट संघर्ष समिति के तत्वावधान में पिछले आठ दिनों से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के समीप धरना जारी है। धरने पर दिन-रात कट की मांग को लेकर किसान धरना दे रहे हैं। किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान, रतन सिंह सौरोत, एडवोकेट बलजीत डागर का कहना है कि सरकार ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर केएमपी के समीप कट बनाने की घोषणा की थी, परंतु अब इस घोषणा पर काम नहीं किया जा रहा है। कट बनने से जिला को बेहद लाभ मिलेगा। तीन डिग्री न्यूनतम तापमान में किसान दिन-रात धरना दे रहे हैं। सर्दी के कारण किसानों की तबियत खराब होने लगी है। शनिवार रात को गांव मंडकौला निवासी किसान रामखिलाड़ी की मौत हो गई, जिसका जिम्मेवार जिला प्रशासन है। प्रशासन यदि समय रहते किसानों की सुध ले लेता तो किसान की मौत नहीं होती। उनकी मांग है कि मृतक को शहीद का दर्जा, आश्रित को सरकारी नौकरी व 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
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केंद्रीय राज्य मंत्री के मिले संघर्ष समिति के सदस्य



रविवार को संघर्ष समिति के प्रधान धर्मवीर डागर, मुकेश डागर एडवोकेट सहित अन्य किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से मिला। प्रतिनिधिमंडल व गुर्जर के मध्य सकारात्मक माहौल में बात हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया एवं जिला उपायुक्त से इस मुद्दे पर बात की। बैठक में तय किया गया है कि 11 जनवरी को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर की उपस्थिति में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, जिला प्रशासन एवं संघर्ष समिति के लोगों की बैठक होगी। बैठक में इंटरचेंज निर्माण पर बात होगी। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि जन भावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लिया जाएगा।
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