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डीसी के आदेश ताक पर, बाढ़ से निपटने का इंतजाम नहीं

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डीसी के आदेश ताक पर, बाढ़ से निपटने का इंतजाम नहीं
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पलवल। (अनूप पाराशर)। यमुना नदी के पास बसे गांवों में यमुना में जल स्तर बढ़ने पर संभावित बाढ़ के खतरे का एहसास तो जिला प्रशासन को है, लेकिन उससे निपटने के लिए अब तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। यहीं नहीं उपायुक्त नरेश नरवाल बाढ़ संभावित गांवों का दौरा कर अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के इंतजाम कराने के आदेश दे चुके हैं। इसके बावजूद यमुना किनारे बसे गांवों में बाढ़ से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जबकि हथिनी कुंड बैराज से यमुना में पानी छोड़ना शुरू भी कर दिया गया है। जिस तरह से हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में पिछले दिनों 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। बाढ़ संभावित गांवों के लोग आजकल रोजाना यमुना के जल स्तर पर नजर रखे हुए हैं तथा लगातार प्रशासन से संपर्क कर वहां अब भी से इंतजाम करने की गुहार लगा रहे हैं।
इन गांवों में रहता है बाढ़ का खतरा
गांव गुरवाड़ी, राजपुर खादर, दोस्तपुर, थंथरी, हंसापुर, अतवा, मुस्तफाबाद, काशीपुर, रहीमपुर, सुलतापर, अच्छेजा, इंदिरा नगर, मोहब्लीपुर, माहौली, मोहम्मदपुर, मुर्तजाबाद व फाट नगर, सतुआगढ़ी, माहौली, हसनपुर में यमुना में जल स्तर बढ़ने पर बाढ़ का खतरा रहता है। पिछले साल वर्ष 2019 में भी हथिनी कुंड बैराज से करीब आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर इन गांवों में पानी गांवों के अंदर घरों में भी घुस गया था। तब पुलिस व प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों व पशुओं को नावों के द्वारा बाहर निकाला था। यह खतरा हर साल यहां बना रहता है तथा हर साल इस स्थिति से निपटना पड़ता है, लेकिन उसके बावजूद आज तक इन गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए कोई स्थायी इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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डीसी ने बाढ़ संभावित गांवों का दौरा किया था
उपायुक्त नरेश नरवाल ने बाढ़ संभावित गांवों का दौरा किया था। दौरा करने के बाद अधिकारियों को आदेश दिए थे कि यमुना का जल स्तर बढ़ने व बरसाती मौसम को देखते हुए संभावित बाढ़ प्रभावित रहीमपुर, अच्छेजा, इन्द्रानगर आदि गांवों के रास्ते पर मिट्टी डालकर ऊंचा कर रास्ते को सुगम बनाने के आदेश दिए ताकि जलस्तर बढ़ने पर गांवों में पानी घुसे तो ग्रामीणों को परेशानी न हो, लेकिन आज तक इस पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। हालात ये हैं कि अब जिस तरह से यमुना में जल स्तर बढ़ना शुरू हो रहा है, उसे देखते हुए प्रभावित गांवों के लोगों में डर बैठना शुरू हो गया है।
खेतों में धान की फसल लगी है। जिस तरह से यमुना में जल स्तर बढ़ने की जानकारी मिल रही है, उसे देखते हुए डर लगने लगा है। पिछले साल भी बाढ़ आने पर सारी फसल खराब हो गई थी तथा आज तक एक रुपया भी मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा गांवों में भी पानी भर जाता है। प्रशासन की तरफ से अभी तक इस खतरे को देखते हुए भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
हरपाल बुजुर्ग, समस्तपुर इंदिरा नगर
जलस्तर बढ़ने पर हर साल गांव में पानी घरों के अंदर तक घुस जाता है। हर साल अपने स्तर पर मिट्टी लगाकर पानी भरने से रोकने का प्रयास करते हैं, लेकिन बाढ़ आने पर हर साल नुकसान हो जाता है। प्रशासन हर बार स्थायी इंतजाम करने का दावा करता है, लेकिन बाद में सब भूल जाता है। इस बार भी अभी तक कोई इंतजाम प्रशासन की तरफ से नहीं किए गए हैं। यदि जल स्तर बढ़ जाता है तो बाढ़ का खतरा बन जाएगा।
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वीरेंद्र, समस्तपुर, इंदिरा नगर
जलस्तर को लेकर रहीमपुर पुल के अलावा इंदिरा नगर सहित यमुना के साथ लगते गांवों का दौरा किया था। वहां लोगों से भी बात की थी तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ संभावित गांवों में पूरे इंतजाम किए जाएं। सुरक्षा को लेकर पूरा ध्यान रखा जाए तथा जहां रास्ते नीचे हैं, वहीं मिट्टी डालकर उन्हें ऊंचा किया जाए और कट्टों में मिट्टी भरकर उन्हें इस तरह लगाया जाए कि गांवों में पानी न भरे।
नरेश नरवाल, उपायुक्त, पलवल
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