हथीन। बरसाती पानी के जलभराव एवं गुड़गांव नहर में लगाए गए अवैध कटों से हथीन उपमंडल के सात गांवों की दस हजार एकड़ क्षेत्र में खड़ी खरीफ की फसलें नष्ट हो गईं। इसके अलावा आठ हजार एकड़ क्षेत्र में किसान बिजाई नहीं कर पाए। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से सम्बंधित गांवों के किसानों में रोष व्याप्त है।
गांव छांयसा निवासी रामेश्वर सिंह ने बताया कि स्वामिका, छांयसा, मठेपुर, बीघावली, मीरका, दुरेंची व मंढनाका विशेष रूप से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि मछली पालन का काम करने वाले तालाबों के मालिकों ने अवैध रूप से गुड़गांव नहर में कट लगाकर पानी की चोरी की हुई है। गुरुग्राम नहर से पानी चोरी के साथ हाल ही में हुई बरसात के बाद संबंधित गांवों में भारी जलभराव हो गया है। आठ हजार एकड़ क्षेत्र में पानी भरने से किसान बिजाई तक नही कर पाए। गांव बीघावली निवासी प्रकाशवीर ने बताया कि गुरुग्राम नहर से पानी चोरी की शिकायतें उच्च स्तर तक की गईं। इसके बावजूद नहर के पानी की चोरी का सिलसिला बंद नहीं हो पाया। इस कारण क्षेत्र में कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ है। गांव बीघावली निवासी किसान अशोक ने बताया कि स्थिति यह बनी हुई है कि किसानों की खरीफ फसल तो नष्ट हुई है रबी फसल की भी उम्मीद नहीं है। दुरेंची निवासी आरिफ एवं फजरू ने बताया कि गांवों के किसानों को कई साल से यह घाटा सहना करना पड़ रहा है। ब्लॉक समिति के पूर्व सदस्य एवं मठेपुर गांव के किसान असगर हुसैन ने बताया कि खरीफ की फसल तो पूर्ण रूपेण नष्ट हो गई है। रबी फसल बिजाई भी सम्भव होगी यह उम्मीद नहीं है। किसानों का कहना है कि उनके सामने पशुओं के चारे का भी संकट बन गया है। इस कारण दूध उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। अभी तक जिला प्रशासन ने जल भराव की निकासी के प्रबंध नही किए हैं।
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राजस्व विभाग के स्टाफ से जलभराव की रिपोर्ट ली जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पानी निकासी के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
- संदीप अग्रवाल, एसडीएम, हथीन