खंड के गांव गुराकसर व खिल्लूका के बीच समगोत्र विवाह का विवाद अभी तक नहीं सुलझ पाया है। इसे लेकर दोनों गांवों के लोगों के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान गुराकसर गांव की लड़की ने अपने परिजनों के साथ जाने से मना कर दिया है। इसी के चलते अदालत ने मंगलवार को लड़की को एक बार फिर नारी निकेतन चंडीगढ़ भेज दिया है। अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार यानि 29 जुलाई को होगी।
उल्लेखनीय हैं कि गुराकसर गांव की एक नाबालिग लड़की ने कथित रूप से खिल्लूका गांव के एक युवक से निकाह कर लिया। इसे लेकर दोनों गांवो में तनाव हो गया। वैसे भी लड़की व लड़की दोनों एक ही मंगरीया तंवर गोत्र के हैं। दोनों गांवों की पंचायत ने भी एक ही गोत्र का निकाह नामंजूर कर दिया।
गुराकसर के लोगों ने महिला थाने में लड़के के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया तथा हाईकोर्ट मेें निकाह को चुनौती दी। हाईकोर्ट ने लड़की के नाबालिग होने के चलते निकाह पर अपनी मंजूरी नहीं दी तथा लड़की को नारी निकेतन भेज दिया। लड़की ने हाईकोर्ट में अपने प्रेमी तथा कथित पति के साथ रहने की गुजारिश की, परन्तु हाईकोर्ट ने उसे लगातार दूसरी बार नारी निकेतन भेज दिया है। इस बारे में महिला थाना एसएचओ सुशीला का कहना है कि हाईकोर्ट के जैसे आदेश होंगे, वैसी ही कार्रवाई की जाएगी। उधर इस मुद्दे को लेकर दोनों गांवों में तनाव बना हुआ है।