शनिवार रात को सिविल अस्पताल में लाए गए एक बुजुर्ग का शव रविवार की सुबह अस्पताल से करीब 500 मीटर दूर हाथ रिक्शे पर लावारिस हालत में पड़ा मिला। रविवार को जब वहां से गुजर रहे लोगों ने रिक्शे पर कंबल में लिपटे शव को देखा तो शहर थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शव बरामद कर जांच की तो बुजुर्ग के हाथ में सिविल अस्पताल की ग्लुकोज की बोतल लगी हुई थी। अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि बुजुर्ग को शनिवार की रात कुछ लोग अस्पताल में लाए थे। शव को मोर्चरी में रखवा कर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।
अस्पताल में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार शनिवार की रात को तीन-चार लोग एक बुजुर्ग को अस्पताल में लाए थे। रिकॉर्ड में बुजुर्ग को गांव टहरकी निवासी 70 वर्षीय भगतसिंह पुत्र किशन बताया गया था। साथ आए लोगों ने कहा कि छत से गिरने से चोट लगी है तथा वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उन्हें बीके अस्पताल में रैफर कर दिया था।
विभागीय अधिकारियों व ड्यूटी डॉक्टर के अनुसार घायल बुजुर्ग के साथ आए लोगों के मना करने के बावजूद भी एमएलआर काटी गई थी। क्योंकि घायल के साथ आए लोग खुद को परिजन बता रहे थे, इसलिए उन्हें रैफर कार्ड बना कर दे दिया गया था। वे बुजुर्ग को किस प्रकार से ले गए, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
वहीं अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि यह पता चलने के बावजूद भी कि मरीज को रिक्शा में ले जाया जा रहा है, संज्ञान नहीं लिया गया। शहर थाना एसएचओ रुपलाल के अनुसार, शव को शिनाख्त के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। अस्पताल के रिकार्ड में जो नाम पता लिखवाया गया था, उसकी पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी बुजुर्ग को अस्पताल में लाने वालों की पहचान का प्रयास किया जाएगा।