सरकारी अस्पताल में गर्मी के मौसम में बिजली पानी की व्यवस्था चरमराने से मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अस्पताल में दो जनरेटर लगे हुए हैं, लेकिन देखरेख नहीं होने के कारण दोनों जनरेटर शोपीस साबित हो रहे हैं।
दिलचस्प बात तो यह है कि चिकित्सकों के कक्षों में इंर्वटर लगे हुए हैं, लेकिन मरीजों के वार्डों में बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। वहीं अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों के लिए शीतल जल की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में आने-जाने मरीजों व उनके तीमारदारों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष राजपूत व विशाल का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की तरफ ध्यान देना चाहिए।