एक तरफ तो शिक्षा विभाग नकल रहित परीक्षाओं का दावा कर रहा है, वहीं हथीन के सभी परीक्षा केंद्रों में धड़ल्ले से नकल की जा रही है। दिलचस्प बात तो यह है कि शिक्षकों के सामने मोबाइल से पेपर आउट हो रहा है और शिक्षक आराम से बैठकर देख रहे हैं।
मंगलवार को भी एक व्यक्ति मोबाइल से पेपर का फोटो ले रहा था। पूछने पर वह अपने आप को गुड़गांव पुलिस का जवान बता रहा था। इसके अलावा भी कई लोगों ने भी पेपर की फोटो ली। फोटो लेने के बाद यह पेपर परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे लोगों के फोन पर ही मैसेज या सोशल मीडिया के जरिये बांट दिए जाते हैं, फिर होता है पर्चीे भेजने का दौर। जिसमें शिक्षकों की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध होती है। मंगलवार को हथीन के सीनियर सेकेंडरी व गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। एक नकल फेंकने वाला व्यक्ति मोबाइल लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर आता है और परीक्षा देने वाला छात्र मोबाइल लेकर पेपर की फोटो खींचकर दे देता है फिर पेपर बाहर आउट कर दिया जाता है। जब इस बारे में अमर उजाला संवाददाता ने शिक्षक से बात की तो उनका कहना था कि यह लोग रूकते ही नहीं है। इसमें हम क्या करें।
इससे यह पता चलता है कि यह सब खेल शिक्षकों की मिलीभगत से चल रहा है। शिक्षक खुद परीक्षा देने वालों को नकल कराने में मदद कर रहे हैं। हथीन के सभी परीक्षा केंद्रों पर धड़ल्ले से यह नकल चल रही है। इतनी नकल होने के बाद भी उड़नदस्ते एक-दो केस बनाकर खानापूर्ति करके चले जाते है। बोर्ड, एसडीएम व बीईओ के उड़नदस्ते भी मात्र दिखावा ही साबित हो रहे हैं। पेपर की फोटो खींचते हुए लोगों की फोटो उपायुक्त अशोक शर्मा भी देख चुके हैं। लेकिन अब देखना यह होगा कि ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई होती है या फिर नकल का ये खेल ऐसे ही चलता रहेगा। वैसे तो पुलिस की तरफ से नकल को रोकने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अध्यापकों की लापरवाही से नकल नहीं रुक पा रही है।
-बोर्ड को इसके बारे में जानकारी दे दी है। शिक्षा विभाग को भी पत्र लिखकर कार्रवाई करने की सिफारिश की जाएगी व अपनी तरफ से भी मैं इस मामले में सख्त कार्रवाई करूंगा। अगर इस मामले में किसी अध्यापक या किसी और की कोई संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।