मोबाइल पर बैंक अधिकारी बनकर एक व्यक्ति ने एक वकील से उनका एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछ लिया। कुछ ही समय बाद वकील साहब के खाते से 35 हजार रुपए निकाल लिए गए।वकील साहब को तब पता चला जब कि उनके मोबाइल पर रुपये निकलने का संदेश आया।
कस्टमर केयर पर पता किया तो पता चला कि उनके खाते से मुबंई में 35 हजार रुपये की खरीददारी की गई है। ठगी का अहसास होने पर कैंप थाना पुलिस को शिकायत की गई। केस दर्ज कर पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
कैंप थाना एसएचओ रविंद्र कुमार के अनुसार न्यू कॉलोनी निवासी हरिरतन डबास एडवोकेट ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्होंने बैंक में खोले हुए अपने बचत खाते का एटीएम कार्ड बनवाया हुआ है। 20 जुलाई को उनके पास फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक की मुंबई स्थित मुख्य शाखा की एटीएम ब्रांच का हेड बताया।
फोनकर्ता ने उनसे एटीएम कार्ड के बंद होने की बात कहते हुए उसे रिन्यू करने के लिए एटीएम का पासवर्ड पूछा। वह इस बात को समझ नहीं पाए और अपना गोपनीय नंबर बता दिया। नंबर देने के करीब एक घंटे बाद उन्हें पता चला कि उनके खाते से 35 हजार रुपये कम हो गए हैं। उन्होंने बैंक जाकर जब जानकारी ली तो पता चला कि एटीएम कार्ड के गोपनीय नंबर से मुंबई में 35 हजार रुपये की खरीददारी की गई है।