जिला सिविल सर्जन पर महिला उत्पीड़न का आरोप लगा है। महिला थाने में उनके खिलाफ इस संदर्भ में केस दर्ज किया गया है। उनके ही विभाग की एक लैब टेक्नीशियन ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है। युवती ने महिला आयोग में भी दरख्वास्त लगाई है।
वहीं सिविल सर्जन ने खुद पर लगे आरोप को गलत बताया है। केस दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है।
महिला थाना एसएचओ सुशीला देवी के अनुसार, सरकारी चिकित्सक कार्यालय में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत 22 वर्षीय राधिका (बदला नाम) ने शिकायत दी है कि 19 जनवरी को उसकी शादी होने वाली है, जिसको लेकर उसने जिला सिविल सर्जन डॉक्टर आदित्य स्वरूप गुप्ता को छुट्टियों के लिए प्रार्थना-पत्र दिया था, जिसे उन्होेंने रिजेक्ट कर दिया। 17 दिसंबर को वह खुद अपने एक सहयोगी सतेंद्र के साथ सिविल सर्जन से मिलने गई, जहां उन्होंने उनके साथ बदसलूकी करते हुए अभद्र व्यवहार किया। एसएचओ सुशीला के अनुसार, केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता का कहना है कि उक्त युवती एनएचआरएम योजना के तहत कार्यरत है। पिछले कई दिनों से वह बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित चल रही थी। 17 दिसंबर को वह एक महीने की छुट्टी लेने के लिए आई थी। यह कहने पर कि इस प्रकार से छुट्टी नहीं मिल सकती। उन्होंने उसे समझाया भी था, जो कि उनके कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड है। इस पर युवती ने उनके खिलाफ शिकायत दे दी होगी।