नाकाबंदी के अभ्यास में हत्थे चढ़े यातायात नियम तोड़ने वाले
-पुलिस ने रिहर्सल को तौर की जिले की सीमाएं सील, 51 जगहों पर लगाए नाके
-399 वाहनों के किए चालान, 123 वाहन इंपाउंड
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिला मुख्यालय सहित जिले से बाहर जाने के सभी रास्तों पर बृहस्पतिवार सुबह एकाएक नाकाबंदी से लोगों और वाहन चालकों में खलबली मच गई। दरअसल जिले में नाकाबंदी का यह अभ्यास था, लेकिन इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस की ओर से जिले की सीमाओं को सील करने और पुलिस गाड़ियों की भागमभाग देखकर लोगों में आशंका गहरा गई कि शहर में कहीं बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम दे दिया गया। लेकिन बाद में पता चला कि यह रिहर्सल के तौर पर की गई कवायद थी।
आईजी के आदेश पर जिले में करीब 51 स्थानों पर पुलिस नाके लगाए गए और इस दौरान वाहनों की भी जांच शुरू कर दी गई। पुलिस कप्तान वसीम अकरम भी महर्षि दयानंद आगरा चौक पर दलबल के साथ वाहनों की जांच करने लगे। इसका पता चलते ही शहर में किसी बड़ी वारदात होने की चर्चा फैल गई। बड़ी संख्या में पुलिस द्वारा लगाए गए नाकों पर वाहनों की जांच देखने भी पहुंच गए। बाद में लोगों को पता चला कि किसी बड़ी वारदात होने के बाद कैसे जिले को सील किया जाए, उसकी रिहर्सल करने के लिए यह सब किया गया।
दक्षिणी हरियाणा रेंज रेवाड़ी के पुलिस महानिरीक्षक श्रीकांत जाधव के निर्देश पर जिले की सीमाओं को सील कर नाके लगाए गए थे। इस दौरान वाहनों पर तीन सवारियां बैठाकर चलने वाले, बुलेट मोटरसाइकिलों के द्वारा साइलेंसर को काटकर पटाखों की आवाज निकालने, काली फिल्म शीशे पर चढ़ाकर चलने, ओवर लोड वाहनों व बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की भी गहनता से जांच की गई। 51 नाकों पर जांच के दौरान करीब 399 वाहनों के चालान किए गए तथा 123 वाहनों को इंपाउंड किया गया। 22 बुलेेट मोटरसाइकिलों को पटाखा छोड़ने पर इंपाउंड कर चालान किया गया। दो नाबालिगों के भी चालान काटे गए। एक स्कूली बस को इंपाउंड किया तथा दो बसों के चालान किए। इनके अलावा ओवर लोड वाहनों के भी चालान किए गए तथा कई वाहनों को इंपाउंड किया गया।
----------
इस तरह के अभियान आगे भी चलाए जाएंगे। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाएंगे तथा वाहनों को इंपाउंड भी किया जाएगा। जिले में नाकाबंदी के लिए 51 स्थानों का चयन किया गया। जिले में कहीं भी कोई बड़ी वारदात होने पर जिले की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा, ताकि कोई भी अपराधी जिले से बाहर नहीं जा सके।
वसीम अकरम, जिला पुलिस कप्तान