अजय की चार दिन रिमांड के बाद भी पुलिस के हाथ खाली
- जिनसे मांगी गई थी रंगदारी आज भी डरे हुए हैं
अमर उजाला, ब्यूरो
पलवल। व्यापारियों व उद्यमियों से रंगदारी मांगकर दहशत फैलाने वाले बदमाश अजय गुर्जर से पुलिस गिरफ्तारी के चार दिन बाद भी कोई ठोस खुलासे नहीं कर पाई है। पुलिस अजय गुर्जर से यह भी नहीं उगलवा पाई है कि गुरू नानक अस्पताल में डॉ. अनूप को मिठाई के डिब्बे में मैगजीन व रंगदारी वाला पत्र कौन देकर आया था। हालांकि पुलिस का दावा है कि अजय गुर्जर ने रिमांड के दौरान स्वीकार किया है कि वह स्वयं मिठाई के डिब्बे में मैगजीन व पत्र देकर आया था।
अब लोगों में सवाल यह उठ रहा है कि यदि अजय गुर्जर गुरू नानक अस्पताल में स्वयं जाकर मिठाई के डिब्बे में मैगजीन व पत्र देकर आया था, तो फिर उसी समय सीसीटीवी कैमरे में अजय गुर्जर की तस्वीर क्यों नहीं आई थी। यदि तस्वीर आई थी तो पुलिस द्वारा उस तस्वीर के माध्यम से अजय गुर्जर के गांव में जाकर उसके बारे में लोगों से जानकारी क्यों नहीं जुटाई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुलिस अजय गुर्जर से कुछ भी नहीं उगलवा पाई है न तो उसके साथियों के बारे में और न ही उन लोगों के बारे में जिनके द्वारा वह उस व्यक्ति तक सूचना पहुंचाता था, जिनसे उसे रंगदारी मांगनी होती थी। लोगों में इस बात की चर्चा अभी भी है कि अजय गुर्जर ने आत्म समर्पण किया है। जबकि पुलिस का आज भी यही दावा है कि उसे तूमसरा गांव से पुलिस द्वारा उसके गांव में आने की सूचना देने के लिए छोड़े गए मुखबिरों की सूचना पर गिरफ्तार किया गया है।
वहीं इस मामले में पूर्व पार्षद चंदीराम गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि अजय गुर्जर द्वारा उससे रंगदारी मांग जान से मारने की धमकी देने के लिए किसने कहा था तथा किसने उसका नंबर दिया था। अजय गुर्जर द्वारा जिन लोगों से भी रंगदारी मांगी गई थी, वे लोग भले ही अपने आप में लोगों के सामने राहत महसूस होते दिखा रहे हैं, लेकिन उनके मन में अभी भी डर है, क्योंकि अजय गुर्जर के साथी बदमाश अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं और पुलिस चार दिन के रिमांड में भी उनके बारे में कोई पता नहीं लगा पाई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द अजय गुर्जर के अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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