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दो राज्यों की पुलिस के हाथ अभी भी खाली, नहीं लग पाया चारों का सुराग।

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दो राज्यों की पुलिस के हाथ अभी भी खाली

हथीन। गांव मिंडकोला से रहस्यमयी हालातों में लापता हुए चार लोगों का दो राज्यों की पुलिस अभी तक सुराग नहीं लगा पाई है। दोनों राज्यों के संयुक्त पुलिस दल ने मथुरा जिले के कई गांवों में छापे मारे। परंतु चारों में से किसी एक का भी कोई सुराग नहीं मिला। चार में से तीन के पास अपने मोबाइल थे, उनकी अंतिम लोकेशन भी छाता जिला मथुरा में है। उसके बाद से मोबाइल बंद हैं। चौथा व्यक्ति मोबाइल नहीं रखता था।
बरसाना थाने के प्रभारी सुनील तोमर ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मथुरा जिले के अन्य पड़ोसी थानों की पुलिस भी विभिन्न स्थानों पर छापामारी कर रही है। अभी तक बरसाना थाना पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है। चूंकि यह घटना हथीन थाने में दर्ज है, इसलिए वहां की थाना पुलिस ही औपचारिक रूप से इस मुकदमे की विवेचना आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि मिले दो कंकालों के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिनके डीएनए को जांच के लिए आगरा की लैब में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि एक बीमा एजेंट से यह सूचना अवश्य मिली है कि लालाराम और रोहताश ने एक करोड़ का बीमा कराया था। परंतु जब तक लाशों की पहचान नहीं होती और चारों लापता में से कोई बरामद नहीं होता, तब तक अनसुलझी गुत्थी सुलझ नहीं पाएगी।
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पलवल जिले के पुलिस अधीक्षक विनोद कौशिक एवं मथुरा जिले के पुलिस अधीक्षक सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज भी इस मामले में लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस बारे में उत्तर प्रदेश पुलिस सूत्रों ने यह
दावा किया था कि यह सब एक करोड़ की बीमा राशि को हड़पने के लिए योजना बनाई गई है। परंतु बरसाना थाना के एसएचओ ने बताया कि अभी तक इस बारे में सत्यापित साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसीलिए इस बारे में अधिकारिक टिप्पणी वह नहीं कर सकते। बीमा करना और कराना कोई अपराध नहीं है।
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सूत्रों के मुताबिक उत्तरप्रदेश पुलिस ने सोंध गांव निवासी एक बीमा एजेंट को पूछताछ के लिए बरसाना बुलाया हुआ है। पुलिस को संदेह है कि उक्त बीमा एजेंट से लापता हुए लोगों के तार जुड़े हुए थे और उसी के माध्यम से उक्त चारों के गायब होने की गुत्थी को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कंकाल बनी लाशों के बारे में भी फरीदाबाद के एक अस्पताल के संचालक पर उत्तरप्रदेश पुलिस को संदेह है। पुलिस को उक्त संचालक की भी तलाश है। पुलिस का कहना है विवेचना की सारी बातें सार्वजनिक होने से आरोपी फरार हो सकते हैं। इस कारण जांच के सभी तथ्य उजागर नहीं किए जा रहे हैं। बीमा एजेंट को छुड़ाने के लिए गांव सोंध के लोग बड़ी संख्या में मथुरा पहुंचे और एसपी से गुहार भी लगाई। परंतु एसपी ने फिलहाल उसे छोड़ने से इनकार कर दिया है। इस बीच थाना बरसाना पुलिस ने एक व्यक्ति का मोबाइल भी कब्जे में लिया है जिस पर वह एक वायरल वीडियो देख रहा था। बरसाना थाना के एसएचओ सुनील तोमर ने बताया कि रोहताश, लालाराम, लेखन और कुंवरपाल की पिछली पृष्ठभूमि के बारे में भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
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