अधिकारियों, पार्षदों और ठेकेदारों में मचा हड़कंप, रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। नगर परिषद में निर्माणाधीन रास्तों के कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएसीबी) की टीम ने शनिवार को शहर का दौरा किया। टीम के पहुंचते ही नगर परिषद के अधिकारियों, पार्षदों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने करीब एक घंटे तक शहर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया और जांच की शुरुआत कर दी।
दरअसल, नगर परिषद में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें लगातार उठ रही थीं। शहरवासियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक मित्तल को लिखित शिकायत भेजी थी। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
टीम के सदस्यों ने बताया कि नगर परिषद कार्यालय खुलने के बाद संबंधित रिकॉर्ड एकत्रित किया जाएगा और विभिन्न पहलुओं से जांच की जाएगी। जांच में विशेषज्ञ टीम को भी शामिल किया जाएगा, जो निर्माण कार्यों में लगी सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा की जांच करने के साथ-साथ माप-जोख करेगी। टीम के आने की भनक लगते ही कई ठेकेदार और निर्माण कार्यों से जुड़े पार्षद मौके से गायब हो गए। वहीं, कुछ पार्षद शहरवासियों से टीम की लोकेशन और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाते रहे। इस कार्रवाई ने नगर परिषद में हड़कंप मचा दिया है। लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की शिकायतें लोगों द्वारा की जाती रही हैं, जिन पर अब सतर्कता ब्यूरो ने संज्ञान लिया है।
जिला नगर आयुक्त मनीषा शर्मा ने कहा कि यदि जांच के दौरान रास्तों के निर्माण कार्यों में अनियमितताएं पाई जाती हैं तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से नगर परिषद के अन्य कार्यों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना यह है कि जांच के बाद कौन-कौन से अधिकारी और ठेकेदार इसके घेरे में आते हैं।