लावारिस पशुओं को पकड़ने के दौरान नगर निगम कर्मियों के साथ पुलिस भी टीम में शामिल होगी। शनिवार को मौली जागरां के पास पशुओं को पकड़ने के दौरान हुए विवाद के बाद निगम के आला अधिकारियों ने अभियान के दौरान पुलिस बल मुहैया कराने की मांग की है।
अभियान की शुरुआत के 15 दिनों के दौरान 220 पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजा जा चुका है।
पिछले दिनों सड़कों पर पशुओं से वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद नगर निगम ने लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान की शुरुआत की थी। मनसा देवी मंदिर के पास बनी गोशाला में पकड़े गए पशुओं को रखा जाएगा। नगर निगम ने पिछले दिनों शहर में घूमने वाले 220 गायों और भैंसों को पकड़कर गोशाला भेज दिया। लेकिन, अभी भी सड़कों पर लावारिस घोड़े और सूअर के अलावा दूसरे पशु घूम रहे हैं।
नगर निगम के मुताबिक, गायों, भैंसों को पकड़ने के बाद दूसरे पशुओं पर भी शिकंजा कसा जाएगा। लेकिन, पड़ोसी जिलों से लावारिस पशुओं को छोड़े जाने की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। पंचकूला में करीब 600 लावारिस पशु हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए विभाग 6 अक्तूबर को अभियान की शुरुआत की थी।
उस समय निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि 20 अक्तूबर तक शहर के सभी लावारिस पशुओं को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन अभी तक मात्र 220 पशुओं को ही पकड़ा जा सका है।
जब पशु मालिक उलझ गए
मौली जागरां में पशुओं को पकड़ने के लिए शनिवार को पहुंची नगर निगम की टीम के कर्मियों से पशु मालिकों झड़प की स्थिति पैदा हो गई। नगर निगम ने इस घटना के बाद अभियान चलाने के लिए सुरक्षा बलों को भी टीम में शामिल करने की कवायद की गई है। लोगों की दलील थी कि पशु उनके घरों के बाहर से पकड़े जा रहे हैं। वहीं, नगर निगम कर्मियों का कहना है कि सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को ही पकड़ा जा रहा है।