- पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। हथीन के श्मशान स्थल पर शव दफनाने को लेकर विवाद हो गया। श्मशान प्रबंधन से जुड़े लोगों ने श्मशान भूमि में शव दफनाने से रोक दिया। शव दफनाने को लेकर विवाद की सूचना मिलने पर शहर सिटी चौकी प्रभारी विजय पाल , थाना प्रभारी छत्रपाल एवं डीएसपी सुरेश भड़ाना मौके पर पहुंचे। उन्होंने श्मशान प्रबन्धन एवं शव दफनाने आए लोगों से बात की। श्मशान भूमि वालों का कहना था कि श्मशान में अग्नि से दाह संस्कार की परंपरा है। इस प्रक्रिया से अंतिम संस्कार की इजाजत श्मशान भूमि में दी जाती है। शव दफनाने की इजाजत श्मशान में नहीं मिलती। शव दफन करने वाले लोगों का कहना था कि उनके पंथ में शव दफनाने का रिवाज है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से देखते हुए शव दफनाने आए लोगों को समझाया। शव दफनाने वाले लोगों ने बताया कि शव दफनाने का एकमात्र स्थल एक गांव में है। इसके बाद वह शव को संबंधित स्थल में गए और शव दफना दिया। हुआ यूं कि स्थानीय मोडिश स्कूल के पास रहने वाले घुमंतू जाति के 85 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। वह पिछले तीन वर्षों से हथीन में रह रहे थे। वह दवाइयां बेचने का काम करते थे। इससे पूर्व वे पलवल की दया कॉलोनी में रहते थे। उन्हीं के शव को लेकर यह विवाद हुआ। हथीन के थाना प्रभारी छत्रपाल ने बताया कि संबंधित लोगों ने परंपरा के तहत शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।