03पीएएलपी3- बंचारी ड्रेन पर नहीं बना पुल।
03पीएएलपी4- धर्मवीर, निवासी सौंदहद
03पीएएलपी5- नरेंद्र सिंह यादव, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
डेढ़ वर्ष पहले 80 लाख की लागत से बनी सड़क का नहीं मिल पा रहा लाभ
लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के बीच में फंसा पुल का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। नूंह-होडल सड़क से गांव सौंदहद के सरकारी स्कूल तक बनी नई सड़क का निर्माण डेढ़ वर्ष पहले हो चुका है, लेकिन अब तक सड़क के बीच से निकलने वाले सौंदहद-बंचारी ड्रेन पर लोक निर्माण विभाग पुल नहीं बना पाया है। पुल न बनने से 80 लाख रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। लोक निर्माण व सिंचाई विभाग की खींचतान लोगों पर भारी पड़ रही है। सिंचाई विभाग ने बजट नहीं होने का हवाला देकर पुल के निर्माण कार्य को सिरे से नकार दिया। वहीं लोक निर्माण विभाग का कहना है कि पुल का निर्माण सिंचाई विभाग करेगा। विभागीय खींचतान का नुकसान आम जनता को हो रहा है, जिससे लोगों में रोष है।
दरअसल, साल 2021 में भाजपा विधायक जगदीश नायर ने करीब 80 लाख रुपये की लागत से गांव सौंदहद व लोहिना की आम जनता के आवागमन को सुगम बनाने के लिए नूंह-होडल सड़क से निकलने वाले दो किलोमीटर लंबी सड़क का नारियल फोड़कर विधिवत रूप से उद्घाटन किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़क के बीच पड़ने वाली ड्रेन पर पुल बनाने की अनुमति सिंचाई विभाग से मांगी तो अनुमति देने की बजाय ड्रेन पर पुल के निर्माण कार्य को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खुद करवाने की सहमति जता दी, लेकिन सड़क निर्माण के बाद सिंचाई व लोक निर्माण विभाग पुल निर्माण कार्य को भूल गया। सड़क को बने डेढ़ साल पूरा हो गया, परंतु पुल न बनने से लोगों इसका लाभ नहीं पा रहा है।
सड़क बनने से जनता को सुविधा मिलने की आस थी, परंतु ड्रेन पर पुल नहीं होने से वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। यदि पुल बन जाता तो आवागमन सुगम हो जाता, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते अब तक पुल नहीं बन पाया। - धर्मबीर, निवासी सौंदहद
सड़क के निर्माण से पहले सिंचाई विभाग को मंजूरी के लिए भेजा गया, लेकिन उन्होंने ड्रेन पर खुद पुल निर्माण कार्य करने की सहमति जता दी, जिसके चलते हमारा विभाग पुल का निर्माण नहीं कर पाया। आम जनता की सहूलियत के लिए सिंचाई विभाग को जल्द सड़क मार्ग के बीच पुल निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। - नरेंद्र सिंह यादव, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग पलवल
ड्रेन पर सड़क बनाने से पहले लोक निर्माण विभाग को पुल निर्माण कार्य का एस्टीमेट बनाकर पुल निर्माण करना था। सिंचाई विभाग के पास बजट की कमी है, जिसके चलते पुल नहीं बनाया जा सकता। - वीरेंद्र रावत, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग