14पीएएलपी2- हथीन में इस स्थान पर बनाई जानी है आवासीय कॉलोनी।
अभी तक ड्राइंग फाइनल नहीं, मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
अधिकारी नहीं चाहते मुख्यालय पर रुकना, इसलिए कर रहे देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। मुख्यमंत्री मनोहरलाल की घोषणा के 39 माह बीत जाने के बावजूद हथीन में बनने वाली प्रशासनिक आवासीय कॉलोनी का डिजाइन ड्राइंग फाइनल नहीं हो पाया है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली की लापरवाही का पता चलता है। प्रशासनिक अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा साल 2020 में आवासीय कॉलोनी बनाने की घोषणा की थी, परंतु विभागीय लापरवाही के चलते कॉलोनी का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
दरअसल, 23 फरवरी 2020 को हथीन आकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हथीन में प्रशासनिक आवासीय कॉलोनी के निर्माण के लिए आठ करोड़ रुपये के बजट आवंटन की घोषणा की थी। घोषणा के 39 माह बाद भी उक्त कॉलोनी का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग ने अभी उक्त कॉलोनी की डिजाइन ही फाइनल करने में दो वर्ष से अधिक लगा दिए। इसके बाद अब राजस्व विभाग के द्वारा ड्राइंग में संशोधन के लिए प्रस्ताव बना। अब फाइल राजस्व विभाग के पास लंबित पड़ी है। प्रशासनिक आवासीय कॉलोनी न होने के कारण उपमंडल में विभिन्न पदों पर पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी उपमंडल मुख्यालय पर नहीं ठहर रहे हैं। छुट्टी के दिनों में तो हथीन उपमंडल में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं रहता है। आपातकालीन स्थितियों में आम आदमी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्ही हालातों को देखते हुए लोगों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से प्रशासनिक आवासीय कॉलोनी के निर्माण की मांग की थी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिला उपायुक्त ने बजट आवंटन हेतु मांग राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पास भेज दी। अभी बजट भी आवंटित नहीं हुआ है। वहीं लोक निर्माण विभाग उक्त कॉलोनी के नक्शे का डिजाइन दो वर्षों तक फाइनल नहीं कर पाया है। अब डिजाइन फाइनल होने के बाद अब राजस्व विभाग के पास फाइल अटक गई है, इसके बाद फाइनल एस्टीमेट बनेगा। लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अधिकारी इंद्राज सिंह ने बताया कि हथीन के उपमंडल अधिकारी नागरिक ने उक्त कॉलोनी में ए ग्रेड का एक, बी ग्रेड के तीन, सी ग्रेड के 41 और डी ग्रेड के 11 आवासीय मकान बनवाने की सिफारिश की है। इसी आधार पर राज्य मुख्यालय कॉलोनी की डिजाइन को फाइनल किया गया था। उपमंडल अधिकारी ने बताया कि इस तरह कुल 56 आवासीय परिसरों का निर्माण होना है। उन्होंने बताया कि अब राजस्व विभाग से डिजाइन फाइनल होने के बाद ही एस्टीमेट फाइनल किया जाएगा। उसके बाद बजट आवंटन होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अधिकारी नहीं चाहते मुख्यालय पर रुकना
सूत्रों के मुताबिक, कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी नहीं चाहते कि यहां समय पर आवासीय परिसरों का निर्माण हो। यदि आवासीय परिसरों का निर्माण हो जाता है तो अधिकारियों को मुख्यालय बिना इजाजत छोड़ने का मौका नहीं मिलेगा। वहीं लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए। विधायक प्रवीण डागर ने बताया कि उक्त प्रशासनिक कॉलोनी के निर्माण के लिए जैसे ही फाइनल एस्टीमेट आएगा, धनराशि लोक निर्माण विभाग को आवंटित कर दी जाएगी।