पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप फिर से धरना शुरू हो गया। इससे पहले धरना शुरू करने जा रहे किसानों और पुलिस के सामने टकराव की स्थिति बन गई, लेकिन पूर्व मंत्री, विधायक और पाल पंचों की सूझबूझ के कारण टकराव टल गया और एडीसी सतेंद्र दूहन की सहमति से राजमार्ग के समीप शांतिपूर्ण तरीके से धरना शुरू हो गया। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के साथ सैकड़ों पुलिसकर्मी अटोहां चौक पर तैनात कर दिए थे। वाटर कैनन, एंबुलेंस व आंसू गैस के गोले दागने का भी इंतजाम कर लिया था।
दरअसल, गणतंत्र दिवस पर हुए उपद्रव के बाद प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे धरने समाप्त करा दिया था। मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड से आए किसान वापस लौट गए, जिससे प्रशासन के खिलाफ क्षेत्रीय किसान लामबंद हो गए। रविवार को अनाज मंडी में 52 पाल पंचों की पंचायत हुई। इसके बाद सोमवार सुबह 11 बजे से फिर से धरना शुरू होना था। अटोंहा रोड पर सैकड़ों किसान एकत्र हो गए। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने रैपिड एक्शन फोर्स के साथ सैकड़ों पुलिसकर्मी अटोहां चौक पर तैनात कर दिए। वाटर कैनन, एंबुलेंस व आंसू गैस के गोले दागने का भी इंतजाम था। धरना शुरू करने से पहले पुलिस और किसानों में टकराव की स्थिति बन गई। लेकिन, पूर्व मंत्री, विधायक और पाल पंचों की सूझबूझ के कारण टकराव टल गया और एडीसी सतेंद्र दूहन की सहमति से राजमार्ग के समीप शांतिपूर्ण तरीके से धरना शुरू हो गया। पुलिस से टकराव न हो इसके लिए किसानों ने 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी में 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार, पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल, मोहम्मद इलियास, पूर्व विधायक उदयभान, रघुवीर सिंह तेवतिया, इसराइल चौधरी, विजय प्रताप, महताब, स्वामी श्रद्धानंद, महेंद्र सिंह चौहान, अजीत बॉबी, बार एसोसिएशन के जिला प्रधान दीपक चौहान, जगजीत कौर पन्नू सहित अन्य शामिल हैं। (संवाद)