50 करोड़ रुपये से अधिक के घाटाले में था वांछित, कई आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने सोमवार को हसनपुर में स्थित बीडीपीओ कार्यालय में हुए 50 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर गौतम को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया हैं। वहीं, इस मामले में फरार चल रहे आरोपी तेजेंद्र सिंह पर एसीबी की टीम ने दस हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया हैं।
कस्बा हसनपुर के बीडीपीओ कार्यालय में तैनात रहे मुख्य आरोपी क्लर्क राकेश ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर 50 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले को अंजाम दिया था। डीडीपीओ उपमा अरोड़ा की शिकायत पर फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने केस दर्ज कर आरोपी राकेश क्लर्क, खजाना कार्यालय के सेवादार सतपाल, आरोपी शमशेर सेवानिवृत एसओ कार्यालय निदेशक विकास एंव पंचायत चंडीगढ़ और विजेन्द्र कुमार सहायक खजाना अधिकारी होडल, अनूप कुमार क्लर्क डीडीपीओ पलवल, विवेक कुमार, स्टैनो हसनपुर सहित फर्म के मालिक दीपक कुमार को पहले गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, आरोपी गौरव गौतम को सोमवार को पकड़ा गया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि आरोपी गौतम व राकेश के अलावा उसका साला विवेक, आरोपी अनूप कुमार बीडीपीओ कार्यालय की छुट्टी होने के बाद दीपक मैनपॉवर फर्म के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर देते थे। इन फर्जी बिलों को लेकर ट्रेजेरी कार्यालय में तैनात सेवादार सतपाल के अलावा सहायक ट्रेजेरी अधिकारी बिजेंद्र के साथ मिलीभगत कर फर्जी बिलों को पास करने के बाद पैसा राकेश के खाते में ट्रांसफर कर देते थे। घोटाले के पैसों में से उसके हिस्से में करीब 38 लाख रुपये आए। टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को अदालत में पेश कर एक दिन के पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं, इस मामले में फरार चल रहे आरोपी तेजेंद्र सिंह पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दस हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया हैं।
मास्टरमांइड राकेश ने बीडीपीओ कार्यालय में गौरव की लगवाई थी नौकरी
आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर गौतम कुमार ने पूछताछ में बताया कि मामले के मास्टरमाइंड राकेश से उसकी दोस्ती स्कूल में पढ़ने के दौरान हुई थी, जिसके बाद वर्ष 2017 में आरोपी राकेश ने उसे बीडीपीओ कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी पर लगवाया था। आरोपी ने खुलासा किया कि मुख्यालय से आरोपी शमशेर पंचकूला से फर्जी बजट डीडीपीओ कार्यालय पलवल में भेजकर आरोपी राकेश को जानकारी देता था ।बाद में आरोप राकेश डीडीपीओ कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर तेजेंद्र सिंह को सूचना भेजता ,जिसे वह ऑनलाइन हसनपुर बीडीपीओ कार्यालय हसनपुर में भिजवा देता था।