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कैप्शन: ठंड से बचने के लिए अलाव जलाकर बैठे लोग
जिले में ठंड के तेवर ने बढ़ाई लोगों की कंपकंपी
- अलाव जलाकर तो कोई हीटर के सामने बैठा आया नजर
- डॉक्टरों ने कहा ठंंड में ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है जानलेवा, रखे बचाव
- जिले में अधिकतम तापमान 16 डिग्री तो न्यूनतम पांच डिग्री रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मंगलवार को जिले में ठंड ने अपने तेवर दिखाए। ठंंड के चलते लोगों की कंपकंपी छूटती रही। जिले का न्यूनतम तापमान जहां पांच डिग्री नोट किया गया, वहीं अधिकतम तापमान 16 डिग्री रहा। हालांकि दोपहर में कुछ देर के लिए सूर्य देवता के दर्शन तो हुए, लेकिन ठंडी हवा चलती रही। लोग सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते हुए नजर आए। सुबह और शाम के समय ठंड ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया। कार्यदिवस होने के बावजूद सड़कों पर लोग कम दिखाई दिए। मौसम विभाग के मुताबिक ठंड 17 से 20 जनवरी तक ऐसे ही बनी रहेगी। बीच में कोहरे के साथ शीतलहर जारी रहेगी। काम पर पहुंचे लोगों और व्यापारियों ने दुकानों के आगे अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया। लोग अलाव के सामने बैठकर मूंगफली आदि का सेवन करते रहे। अदालत परिसरों में वकील भी अलाव जलाकर बैठे नजर आए। उसके अलावा सरकारी विभाग कार्यालयों में भी जगह अलाव जलते मिले। कहीं हीटर भी जलते मिले।
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ठंड में ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है जानलेवा
मौसम में बदलाव के साथ ही ठंड का कहर बढ़ गया है। ऐसे में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे लोगों को सावधानी बरतने की खास जरूरत है। जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के अलावा निजी अस्पतालों के चिकित्सक भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉ. धर्म प्रकाश आर्य ने कहा कि वैसे तो ब्रेन स्ट्रोक की समस्या कभी भी हो सकती है, लेकिन सर्दियों में यह परेशानी ज्यादा होती है। क्योंकि सर्दी में खून की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। कभी-कभी रक्तचाप के बढ़ने से दिमाग की नस फट जाती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों को इसका खतरा ज्यादा है। अगर किसी को शुगर या बीपी की फैमिली हिस्ट्री है तो 40 से 45 वर्ष की उम्र में जांच के जरिये पता लगाना चाहिए कि उसे शुगर या रक्तचाप का खतरा है या नहीं। ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति में लकवे के लक्षण सामने आते हैं।
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बच्चों व बुजुर्गों को बचाकर रखने की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड काफी ज्यादा है। ऐसे में बच्चों व बुजुर्गों को बचाकर रखना चाहिए। बच्चों व बुजुर्गों को गर्म तथा पूरे कपडे़ पहनाकर रखें। कोशिश करें कि जरूरत पड़ने ही बाहर निकाले। हीटर के सामने बैठाकर रखें तथा हलका सा भी बुखार, खांसी व जुुकाम होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।