शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने साझेदारों मनोहर, धीरज और सुभाष के साथ पलवल में सनराइज ट्रॉमा अस्पताल का संचालन पिछले तीन महीने से कर रहा है। सीएमओ डॉ. जय भगवान जाटान अस्पताल की गतिविधियों में लगातार खामियां बताकर उसे बंद करने की धमकी दे रहे थे।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. जय भगवान जाटान को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने यह गिरफ्तारी डॉ. जय भगवान जाटान के सरकारी निवास से की है। सीएमओ एक निजी अस्पताल के मालिक से 15 लाख रुपए की रिश्वत मांग की थी। आरोपी के खिलाफ थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, फरीदाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने साझेदारों मनोहर, धीरज और सुभाष के साथ पलवल में सनराइज ट्रॉमा अस्पताल का संचालन पिछले तीन महीने से कर रहा है। सीएमओ डॉ. जय भगवान जाटान अस्पताल की गतिविधियों में लगातार खामियां बताकर उसे बंद करने की धमकी दे रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने अस्पताल को चलाने की एवज में 15 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। यह कहते हुए कि उसे भी ऊपर अधिकारियों को पैसा देना होता है।
करीब 20 दिन पहले शिकायतकर्ता ने 6 लाख रुपये डॉ. जय भगवान जाटान के सरकारी आवास पर दिए थे। इसके बाद 2 जुलाई को एक लाख रुपये और दिए गए। आरोपी ने शेष 8 लाख रुपये जल्द देने का दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना राज्य सतर्कता ब्यूरो को दी। टीम ने योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता द्वारा दिए जाने वाले एक लाख रुपये रिश्वत की राशि के लेनदेन को रिकॉर्ड किया और डॉ. जय भगवान जाटान को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के सरकारी आवास की तलाशी ली गई। सीएमओ के अलमारी से तीन लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।