दिव्यांग को सीएम ने दी नौकरी, अधिकारियों ने निकाला
पलवल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर डीसी रेट पर नौकरी पाने वाली दिव्यांग महिला को नगर परिषद द्वारा नौकरी से निकालने का मामला सामने आया है। महिला को नौ माह का वेतन भी नहीं दिया गया। महिला पिछले कई माह से नौकरी और वेतन के लिए भटक रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दिव्यांग महिला ने अब नवनियुक्त नगर परिषद आयुक्त से न्याय की गुहार लगाई है।
13 अप्रैल वर्ष 2018 को पंजाबी धर्मशाला सभा में दोनों पैरों से दिव्यांग महिला मीनू बाला मुख्यमंत्री से मिली थी। मीनू ने सीएम को बताया था कि उसके माता-पिता की भी मृत्यु हो चुकी है, जिससे उसे जीवनयापन करने में काफी दिक्कतें आ रही है। सीएम मनोहर लाल ने तत्कालीन जिला उपायुक्त मनीराम शर्मा को निर्देश देते हुए पीड़िता को डीसी रेट पर नौकरी देने की बात कही थी। सीएम के निर्देश के करीब तीन माह बाद दो जुलाई 2018 को मीनू को नगर परिषद में रिसेप्शन पर नौकरी मिल गई। 30 जून 2019 तक मीनू की नौकरी ठीक चलती रही, लेकिन जुलाई 2019 के बाद उसका वेतन रोक दिया गया। इसके बाद मार्च 2020 में उसे बिना कोई नोटिस दिए ही नौकरी से भी निकाल दिया गया। आरोप है कि नौकरी और वेतन के लिए मीनू नगर परिषद अधिकारियों, जिला उपायुक्त से लेकर विधायक दीपक मंगला से भी मिली, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। दिव्यांग महिला ने लिखित में शिकायत दी है। जल्द ही महिला को वेतन दिया जाएगा तथा उसकी नौकरी के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
मोनिका गुप्ता, नगर परिषद आयुक्त पलवल