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Palwal News: 10वीं पास युवक चला रहा था क्लिनिक, औषधि विभाग ने छापा मारकर पकड़ा

Sat, 04 Oct 2025 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
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- मुख्यमंत्री विंडो पर शिकायत के बाद गांव महेशपुर में कार्रवाई, दवाइयों और उपकरणों का जखीरा बरामद
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- बिना किसी वैध डिग्री, पंजीकरण या लाइसेंस के किया जा रहा था मरीजों का उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। मुख्यमंत्री विंडो पर प्राप्त शिकायत के आधार पर जिला औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने शुक्रवार को जिले के गांव महेशपुर (नूंह रोड, हनुमान मंदिर के समीप) स्थित एक अवैध क्लिनिक पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की। जांच में यह सामने आया कि वहां बिना किसी वैध डिग्री, पंजीकरण या लाइसेंस के मरीजों का उपचार किया जा रहा था। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी फरीदाबाद (अतिरिक्त प्रभार पलवल) संदीप गहलान एवं डॉ. संजय सिंह, एएसएमओ, पीएचसी अलीका की संयुक्त टीम ने गहन जांच की। जांच में पाया गया कि 10वीं पास सुरेंद्र कुमार, निवासी गांव सिलानी, जिला गुरुग्राम अपने घर से अवैध रूप से क्लिनिक चला रहा था। वह खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था।

मौके पर किसी प्रकार का क्लिनिक का बोर्ड या नाम प्रदर्शित नहीं किया गया था। टीम द्वारा तलाशी के दौरान एलोपैथिक दवाओं की भारी मात्रा, सीरिंज, इंजेक्शन, ड्रेसिंग सामग्री, ब्लड प्रेशर मशीन, स्टेथोस्कोप, ग्लूकोमीटर, एंटीबायोटिक दवाइयां, सिरप व अन्य चिकित्सीय उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह केवल 10वीं पास है और अनुभव के आधार पर इलाज करता है। वह किसी भी राज्य मेडिकल काउंसिल या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) में पंजीकृत नहीं पाया गया तथा उसके पास ड्रग्स लाइसेंस या दवाओं के क्रय-विक्रय का कोई रिकार्ड नहीं मिला।
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इसके बाद टीम ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 की धारा 22 के तहत 29 प्रकार की एलोपैथिक दवाइयां फॉर्म-16 में जब्त कीं। वहीं, 17 प्रकार की आंशिक रूप से उपयोग की गई दवाइयां, इंजेक्शन और चिकित्सा उपकरण भी एनएमसी अधिनियम, 2019 के तहत कब्जे में लिए गए। टीम ने पाया कि आरोपी व्यक्ति एनएमसी अधिनियम, 2019 की धारा 34 तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं का उल्लंघन करते हुए बिना योग्यता के चिकित्सा कार्य कर रहा था, जो कि दंडनीय अपराध है। इस पर आरोपी सुरेंद्र कुमार के विरुद्ध थाना सदर, पलवल में प्राथमिकी दर्ज कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि जब्त की गई 29 प्रकार की दवाइयां माननीय सीजेएम कोर्ट, पलवल में प्रस्तुत की गईं और वहां से कस्टडी आदेश प्राप्त किए गए हैं।
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आमजन के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सजग है विभाग


जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी संदीप गहलान ने कहा कि विभाग आमजन के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। मुख्यमंत्री विंडो पर प्राप्त शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध क्लिनिक, फर्जी डॉक्टरों और बिना अनुमति चिकित्सा कार्य करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विभाग लगातार जांच अभियान चला रहा है। किसी भी व्यक्ति को बिना डिग्री या लाइसेंस के इलाज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उपचार के लिए केवल सरकारी अस्पतालों या पंजीकृत चिकित्सकों से ही संपर्क करें तथा फर्जी डॉक्टरों की सूचना तुरंत विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।
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