होडल। रंगों के त्योहार होली के अब कुछ ही दिन शेष हैं। बृज क्षेत्र में रंगोत्सव की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन इस बार चीन में कोरोना वायरस के कहर के चलते बाजार में चीन से आने वाले रंग, गुलाल के अलावा चायनीज पिचकारियों जैसे समान की सप्लाई आनी बंद हो गई है। इसलिए इस बार बृज के प्रमुख पर्व पर लोगों को बाजार में चाइना की पिचकारी नजर नहीं आएगी। दुकानदार मान रहे हैं कि इस बार स्वदेशी सामान अधिक बिकेगा, परंतु यह महंगा होने के कारण बाजार पर भी असर पड़ेगा। खरीदारी कम होने के कारण आमदनी कम होगी। चाइनीज सामान नहीं आने पर बाजार में 40 से 50 फीसदी तक बिक्री कम होने का अनुमान है। क्षेत्र के आसपास कोई कारखाना भी नहीं है, जहां गुलाल व पिचकारी बनती हो। यहां के दुकानदार चाइना से मिलने वाली सामग्री पर ही निर्भर होते हैं। दुकानदार भी काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि इन दिनों बाजार गुलजार हो जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
रंग-गुलाल के थोक विक्रेता बोले...
शहर के बाजार में रंग व गुलाल के थोक विक्रेता रमन, भारत भूषण कालरा का कहना है कि बृज में होली पर्व चाइनीज सामान पर निर्भर रहता है। कुछ माल पड़ा हुआ था, जिसे दुकानदार पहले ही खरीद ले गए। अब स्वदेशी रंग व पिचकारियों के अलावा अन्य सामान मंगा लिया है। चाइनीज पिचकारी सस्ती होने के कारण लोग इसकी अधिक खरीदारी करते थे। इस बार बाजार सुस्त है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि स्वदेशी सामान का प्रयोग करना चाहिए, ताकि देश की अर्थव्यवस्था में भी सुधार हो।
क्या कहते हैं ग्रामीण
हरि सिंह, सत्यभान, मनीष कुमार, रवि आदि का कहना है कि बाजार में चाइनीज रंग, गुलाल बाजार में नहीं आने से क्षेत्र के लोगों को विशेष फायदा होगा। चाइनीज रंग मिलावटी होता था, जिससे लोगों में चर्म रोग व आंखों में परेशानी होती थी। विदेशी माल बाजार में नहीं आने से देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।