19पीएएलपी5- गंदगी से अटा भंगूरी रजवाह।
19पीएएलपी6- पुराना जीटी रोड पर बारिश के एक घंटे बाद भी नहीं हुई पानी की निकासी।
19पीएएलपी7- नागरिक अस्पताल चौक पर गंदगी फंसने से ओवरफ्लो हुआ नाला।
19पीएएलपी8- जिला उपायुक्त द्वारा बैठक में दिए निर्देशों की प्रकाशित खबर।
15 जून तक नालों की सफाई व अन्य जलभराव संबंधी इंतजाम पूरे करने के लिए दिए थे निर्देश
अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं, गंदगी से अटे हैं नाले
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मानसून आ चुका है और अधिकारियों को जिला उपायुक्त के आदेशों की बिल्कुल परवाह नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी न तो कार्रवाई से डरते हैं और न ही उन्हें मानसून के दौरान शहर के जलमग्न होने से कोई सरोकार है। उन्हें लगता है कि जलभराव के पीड़ित लोग हर साल चिल्लाते हैं और पानी निकलते ही चुप हो जाते हैं। उनका कोई कुछ बिगाड़ने वाला नहीं है। जिसका ताजा उदाहरण पलवल शहर में देखने को मिल रहा है। जिला उपायुक्त नेहा सिंह के निर्देशानुसार संबंधित अधिकारियों को 15 जून तक रजवाहों, नालों व नालियों की सफाई व अन्य जलभराव संबंधी इंतजाम पूरे करने थे, परंतु अभी तक नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। हालात यह रहे कि सोमवार दोपहर को मात्र आधे घंटे की बारिश में शहर जलमग्न हो गया। गंदगी से अटे नालों के कारण घंटों बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई।
दरअसल, बीती एक जून को जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने फ्लड कंट्रोल बोर्ड की बैठक ली। बैठक में अधिकारियों से जिले में किए जा रहे बाढ़ बचाव प्रबंधों एवं तैयारियों की जानकारी ली गई। इस दौरान अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण कार्यों, ड्रेन, सीवरेज व बरसाती चैनलों की सफाई, नालों की चेकिंग व उनकी मरम्मत, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की दशा, बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना, अस्थाई आश्रय व राहत शिविरों के लिए भवन की पहचान, सर्च एवं रेस्क्यू टीमों का गठन, दवाइयां, ब्लीचिंग पाउडर, पशु वैक्सीन, शुद्ध पेयजल, खाद्य सामग्री और दूसरी आवश्यक वस्तुओं की आपातकालीन आपूर्ति का स्टॉक के बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर सिंचाई, जनस्वास्थ्य तथा नगर निकाय विभाग को पानी निकासी के पंप सेट दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। डीसी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारी से आपसी तालमेल करने तथा जलभराव होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी, परंतु उपायुक्त की चेतावनी का अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। सोमवार को हुई बारिश ने उपायुक्त के आदेशों की हवा निकाल दी। हर बार की तरह शहर की सड़कें मात्र आधे घंटे की बारिश से जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर के ज्यादातर रजवाहे व नालों की छटाई व सफाई का कार्य शुरू नहीं हुआ है। शहर के बीच से निकलने वाला भंगूरी रजवाहे को पक्का करने का कार्य पांच साल में पूरा नहीं हुआ है। अधूरा कार्य होने के चलते इसमें पानी की निकासी नहीं हो सकती। जहां बना है, वहां भी गंदगी से अटा हुआ है। इसके अलावा भवन कुंड की तरफ से मेन बाजार से होता हुआ आने वाला नाला भी पूरी तरह बंद है। इस नाले से सोहना रोड की तरफ निकलने वाले नाले में भी पानी की जगह गंदगी ही दिखाई देती है। न्यू कॉलोनी व जवाहर नगर कैंप की तरफ जाने वाले नाले की भी सफाई नहीं हुई है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के नाले भी जगह-जगह से टूटे हुए हैं।
इन स्थानों पर हुआ जलभराव
सोमवार को हुई बारिश से सबसे ज्यादा जलभराव पुराना जीटी रोड पर हुआ। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित रेलवे रोड, रसूलपुर रोड, न्यू कॉलोनी रोड, माल गोदाम रोड जलमग्न हो गए। बारिश के कारण जिला विश्राम गृह, पुराना कोर्ट परिसर, लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर भी जलभराव रहा। केजीपी-केएमपी एक्सप्रेसवे के पुलों की नीचे भी जलभराव की समस्या रही। घंटों तक इन स्थानों पर जलभराव की समस्या रही।
नालों की सफाई का टेंडर प्रक्रिया जारी है। टेंडर छूटते ही नालों की सफाई का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। बारिश के बाद कुछ समय तक जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। मानसून के दौरान शहर वासियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - दीपक मंगला, विधायक पलवल