संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव सिहौल में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही एक बच्चे पर भारी पड़ गई। झोलाछाप द्वारा बुखार की गलत दवा देने पर बच्चे की हालत खराब हो गई। बच्चों को 25 दिनों तक बड़े अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिसके बाद बच्चे की जान बच पाई। पीड़ित पिता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी तो स्वास्थ्य विभाग को शिकायत करने के लिए कहा गया। जिला सिविल सर्जन कार्यालय में शिकायत के बाद भी आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने सीएम विंडों पर शिकायत की, उसके बाद चांदहट थाना पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किया है। अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
गांव सिहौल निवासी दीपक ने शिकायत दर्ज करवाई है कि वह मेहनत मजदूरी कर अपने बच्चों को पालता है। 24 मार्च को उसके पांच वर्षीय बेटे सुशांत को बुखार और सिर में तेज दर्द था। वह सुशांत का उपचार कराने के लिए गांव के ही डॉ.कुलदीप के क्लीनिक पर ले गया। कुलदीप ने उसके पुत्र को गलत दवाई दे दी। दवाई लेने के बाद ही सुशांत की तबीयत बिगड़ती चली गई। फरीदाबाद के निजी अस्पताल से सुशांत को 26 मार्च को दिल्ली के अपोलो अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। 29 मार्च को कुलदीप के खिलाफ चांदहट थाना में शिकायत की थी, परंतु पुलिस ने सीएमओ कार्यालय में जाकर शिकायत देने को कहा। पीड़ित ने दो अप्रैल को मुख्य चिकित्सा अधिकारी पलवल को कुलदीप के खिलाफ शिकायत दी। कार्रवाई के नाम पर गांव में एक डॉक्टर भेजा गया, जिसने आरोपी कुलदीप से सांठ-गांठ कर ली और मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने सभी जगह शिकायत करने के बाद हारकर उसने सीएम विंडो में अपनी शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने अब 27 जुलाई को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।