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Palwal News: रामलीला करते नजर आएंगे सरकारी स्कूलों के बच्चे

Mon, 15 Sep 2025 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
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हथीन। जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चे रामलीला करते नजर आएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय विद्यालयों में निपुण भारत मिशन के तहत निपुण रामलीला में पहली से पांचवीं के बच्चे रामायण के विभिन्न पात्र बनकर मंचन करेंगे। बच्चों के लिए सरल संवाद तैयार करने की जिम्मेदारी अध्यापकों को दी गई है। रामलीला जिले के सभी राजकीय प्राथमिक पाठशाला में 22 सितंबर से 18 अक्तूबर तक करवाई जानी है।
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रामलीला का मंचन उत्कृष्ट और बच्चों की प्रस्तुति, संवाद कौशल प्रभावी हो, इसके लिए शिक्षकों को स्कूल में प्रतिदिन बच्चों को इसका अभ्यास करवाना होगा। पत्र मिलने के बाद स्कूलों में शिक्षकों ने इस पर काम शुरू कर दिया है। शिक्षक रामलीला के संवाद लिखने के साथ बच्चों को इसके उच्चारण व भाव इत्यादि के बारे बताकर अभ्यास करने में जुट गए हैं।

विद्यालयों में रामलीला करवाने को लेकर शिक्षा निदेशालय बेहद गंभीर है। इसके लिए निदेशालय की ओर से से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला निपुण समन्वयक को पत्र जारी किया है। पत्र में रामलीला करवाने को लेकर नियम व आदेश भी जारी किए हैं।
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पत्र में निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि रामलीला के पात्रों की वेशभूषा व आभूषण, रंगमंच सहित अन्य तमाम सामग्री स्थानीय स्तर पर जुटाएंगे। इसका बंदोबस्त बच्चों व अभिभावकों को करने के लिए नहीं कहा जाएगा। बल्कि सामग्री जुटाने के लिए अध्यापक, स्कूल प्रबंधन समिति, सरपंच व अन्य स्तर पर इसका प्रबंध करेंगे। इस दौरान किसी प्रकार की सामग्री इत्यादि लाने के लिए बच्चों को नहीं कहा जाएगा।

बच्चों में भाषाई शुद्धि, उच्चारण में स्पष्टता, शब्दों का ज्ञान व संवाद में कुशलता के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बाल रामलीला करवाई जा रही है। इसमें सरकारी स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे ही रामलीला का मंचन करते हैं। मंचन में रामायण के सभी पत्रों की भूमिका बच्चे हीं निभाते हैं और रामलीला के संवाद शिक्षक तैयार करते हैं। रामलीला के लिए मात्र करीब दस दिन का समय शेष है, जिसमें सभी तैयारियां पूरी की जानी हैं।



शिक्षक तैयार करेंगे संवाद

बाल रामलीला के लिए विशेष संवाद तैयार किए जाने हैं। यह संवाद छोटे और सरल शब्दों में तैयार किए जाने हैं, ताकि छोटे बच्चे आसानी से इसका उच्चारण कर सकें। यही नहीं बच्चों को शब्दों का ज्ञान व अर्थ भी बताना होगा। यह संवाद शिक्षक ही तैयार करेंगे। वहीं, पहली व दूसरी के बच्चों के लिए अलग और तीसरी से पांचवीं के बच्चों के लिए अलग संवाद तैयार किए जाएंगे। यही नहीं बच्चों को रामलीला मंचन का अभ्यास भाषा पीरियड में करवाया जाएगा। बाल रामलीला में बच्चे श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, अंगद, सुग्रीव सहित रामायण के अन्य पात्रों का किरदार निभाते हैं। शिक्षक गाइडलाइन के अनुसार इसके संवाद तैयार करते हैं।


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नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में बाल रामायण करवाई जानी है। निदेशालय ने इसका शेड्यूल जारी किया है। इसके लिए सभी को पत्र मिला है। शेड्यूल के अनुसार रामलीला करवाई जाएगी। इसके लिए सभी शिक्षकों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। -अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी, पलवल
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