बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज
पलवल। नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता और उसके बच्चे की पहचान उजागर करने के आरोप में कैंप थाना पुलिस ने बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष दर्शना भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी ने दर्ज कराया है। इस मामले में पहले से भी एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर यादराम के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी ने शिकायत में कहा है कि बीती 26 जून को नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने जिला नागरिक अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 29 जून को जच्चा-बच्चा अस्पताल से रिलीव हुए। इस दौरान अस्पताल में जिला कल्याण समिति का सदस्य पीड़िता को खींचते दिखाई दिया। पीड़िता अस्पताल परिसर में समिति के सदस्यों के पैर पकड़कर रहम की गुहार लगा रही थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आया। शिकायत में कहा गया कि दुष्कर्म पीड़िता व उसके बच्चे की पहचान उजागर करना अपराध है। बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला, जिससे दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर हुई। इससे पहले प्रसव के दौरान भी समिति के सदस्यों ने अपना काम ठीक से नहीं किया। वीडियो वायरल करने के मामले में प्रेमघर अनाथ आश्रम के संचालक प्रेम कुमार खुल्लर के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। अब बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
पीड़िता को खींचने वालों के नाम नहीं, उठ रहे सवाल
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में जो लोग पीड़िता को खींचते दिखाई दे रहे हैं, उनके नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए हैं। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।