बोर्ड रिजल्ट: रख हौसला कर फैसला, तुझे अभी वक्त बदलना है...
कुछ करने की चाहत ऐसी की आर्थिक तंगी में भी चमके ये होनहार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अगर मन में कुछ करने का ठान लिया जाए तो परिस्थितियां आपको रोक नहीं सकतीं। हौसला रखना पड़ता है और वक्त बदलना है तो कुछ करने का फैसला भी करना पड़ता है। यह कहना है जिले के उन होनहारों का जिनकी राह में आर्थिक दुश्वारियां भी रोड़ा नहीं बन सकीं। हालातों से लड़ते हुए इन्होंने अपने सपनों की ओर एक और कदम बढ़ा दिया। मंगलवार को यूपी बोर्ड रिजल्ट की घोषणा के बाद छात्रों में अलग ही उत्साह दिखा। कई बच्चों ने टॉप किया तो कई कुछ नंबरों से चूक गए। वहीं कुछ चेहरे ऐसे भी निखर कर आए जिन्होंने विपरीत हालातों को दरकिनार कर सफलता की नई इबारत लिखी। अमर उजाला संवाददाता ने ऐसे ही कुछ होनहारों से बातचीत की है। पेश है एक रिपोर्ट
फीस भरने तक के नहीं होते थे पैसे: निधि तोमर
कक्षा - 10वीं
परिणाम 93.50 प्रतिशत
स्कूल - सेक्टर-122 स्थित बीआर पब्लिक इंटर कॉलेज
सर्फाबाद निवासी निधि तोमर ने सेक्टर-122 स्थित बीआर पब्लिक इंटर कॉलेज से 93.50 प्रतिशत अंक के साथ 10वीं उत्तीर्ण की है। उन्हें नोएडा में तीसरा तो जिले में आठवां स्थान प्राप्त हुआ है। पिता ड्राइवर हैं। वहीं मां गृहिणी हैं। घर में उनके अलावा चार बहनें और एक भाई भी है। इन सभी मैं वह सबसे छोटी हैं। इनका सपना डॉक्टर बनने का है। वह बताती हैं कि कई बार पिता के पास उनके स्कूल की फीस भरने तक के भी पैसे नहीं होते थे। वहीं कोरोना महामारी के दौरान तो आर्थिक हालात और बिगड़ गए थे। ट्यूशन के लिए पैसे नहीं तो यूट्यूब को सहारा बनाकर उससे पढ़ाई की पर माता-पिता ने कभी हौसला नहीं हारने दिया। सफर अभी भी बाकी है पर हर हाल में सपनों को सच करना है।
पिता के सपने करूंगी साकार: दीप्ति
कक्षा-10वीं
परिणाम 91.83
स्कूल- सेक्टर- 51 स्थित होशियारपुर बालिका इंटर कॉलेज
91.83 फीसदी अंक प्राप्त कर सेक्टर- 51 स्थित होशियारपुर बालिका इंटर कॉलेज में स्कूल टॉप करने वाली दीप्ति दिवाकर इंजीनियर बनना चाहती हैं। घर के हालात देखकर उनका हौसला डगमगाने लगता है, लेकिन वह हार नहीं मानती और अपनी कोशिशों को जारी रखती हैं। उनके पिता सलारपुर में ही कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते हैं। वहीं माता गृहिणी हैं। घर में दो बहनें और एक भाई है। वह कहती हैं कि जानती मैं भी हूं कि घर की आर्थिक स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं हैं, लेकिन पिता ने कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। उन्होंने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। अपने सपने को पूरा करने के लिए वह जमीन आसमान एक करने मैं कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
-
पिता को मुझ पर बहुत गर्व हो रहा है: ज्योति
कक्षा-10वीं
परिणाम- 91.16
स्कूल- सेक्टर- 51 स्थित होशियारपुर बालिका इंटर कॉलेज
ज्योति को 10वीं में 91.16 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। अपने स्कूल में उन्होंने दूसरे नंबर पर जगह बनाई है। वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। इसके लिए वह अब ग्यारहवीं में पीसीबी से आगे की पढ़ाई शुरू करेंगी। उन्होंने बताया कि पिता वेल्डिंग का काम करते हैं। घर में काफी आर्थिक दुश्ववारियां हैं. लेकिन पिता की उम्मीद मैं हूं। जब रिजल्ट घोषित हुआ तो सबसे पहले परिणाम मैंने पिता को ही बताया। वह बिना कुछ सोचे समझे सभी कामों को छोड़कर मेरे स्कूल दौड़े आए। उन्होंने कहा कि सफर अभी शुरू हुआ है अभी आगे और मुकाम छूने हैं।
-
आईएएस बनना का है सपना : मिली झा
कक्षा- 10वीं
परिणाम- 90 प्रतिशत
स्कूल- सेक्टर- 51 स्थित होशियारपुर बालिका इंटर कॉलेज
10वीं में 90 प्रतिशत अंक लाने वाली होशियारपुर निवासी मिली झा का सपना आईएएस बनना है। उनके पिता केबल ऑपरेटर हैं तो मां किसी निजी स्कूल में काम करती हैं। माता-पिता बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। बेटी के 10वीं के परिणाम पर बेहद खुश हैं। मिली की मां सविता झा ने बताया कि घर में किसी भी तरह की परेशानी होती है, तो इसका प्रभाव बेटी की पढ़ाई पर न आए इसका खास ख्याल रखती हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर न होने के कारण उसे ट्यूशन भी नहीं पढ़ा सकी, लेकिन इसके बाद भी बेटी ने अच्छे अंक लाकर सिर ऊंचा कर दिया है। उससे बहुत उम्मीद हैं।