हथीन के विधायक केहर सिंह रावत ने आरोप लगाया है कि पंचायत चुनाव की आचार संहिता के दौरान 45 ग्राम पंचायतों के खाते से अधिकारियों ने करीब 3 करोड़ रुपये की राशि को हड़प लिया। इस मामले को वे सरकार के संज्ञान में भी ला चुके हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी की जानी चाहिए। यदि सरकार ने इस मामले में जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वे इलाके की जनता के साथ 15 दिन बाद लघु सचिवालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
विधायक केहर सिंह रावत ने कहा कि हथीन की 45 ग्राम पंचायतों के खातों से 24 जुलाई 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच निकाली गई। याद रहे कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल वर्ष 2015 की 24 जुलाई को समाप्त हो गया था और 31 जुलाई 2016 को नई पंचायतों को चार्ज सौंपा गया था। इस दौरान ग्राम पंचायतों का चार्ज बीडीपीओं के पास रहा था।
विधायक रावत ने आरोप लगाया है कि राशि को खंड विकास एंव पंचायत अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव व ठेकेदारों ने मिलीभगत कर हड़पा है। इस पैसे से गांव में कोई विकास कार्य भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जब जुलाई 2015 से लेकर मार्च 2016 तक पंचायतों के पास चार्ज नहीं था और ैओ प्रशासक था तो सचिव व ठेकेदार ने मिलकर इस राशि का गबन कैसे किया।
]उन्होंने कहा कि आचार संहिता के दौरान विकास राशि निकलना आचार संहिता का उल्लघंन होता है। विधायक केहर सिंह ने कहा कि एक ओर सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के खोखले दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायतों के खातों से करोड़ो रुपये के गबन को अधिकारी दबाने में लगे हुए है।
उन्होंने कहा कि ब्लॉक कार्यालय का काफी रिकार्ड इसी जांच को लेकर जला दिया गया था, लेकिन आज तक रिकार्ड जलाने वालों का कोई सुराग नहीं लगा। जिससे साफ पता चलता है कि भ्रष्टाचार को दबाने के लिए किस प्रकार के षडयंत्र रचे जा रहे हैं। इस मौके पर इनेलो जिलाध्यक्ष अजीत बॉबी, किसानम सेल जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह डागर, उदयवीर सहरावत व जिला मिडिया प्रभारी वीरेन्द्र शर्मा मौजूद थे।