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अधिकांश वार्डों में जीते बीजेपी समर्थित उम्मीदवार

Tue, 24 May 2016 04:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
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जीत का जश्न - फोटो : अमर उजाला
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निकाय चुनाव में कांग्रेस समर्थित 31 सीटों में से मात्र तीन-चार प्रत्याशी ही जीत पाए है। अधिकांश वार्डों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने ही जीत का परचम लहराया है। जिले स्तर पर कांग्रेस का इतना बुरा हाल है कि खुद कांग्रेसी विधायक के वार्ड में ही उनका प्रत्याशी जीत नहीं पाया। 
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 वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में जब पूरे प्रदेश में बीजेपी के पक्ष में लहर चल रही थी, उस समय पलवल जिले में बीजेपी का कोई असर नहीं रहा। जिले की तीन विधानसभा सीटों में से पलवल व होडल पर कांग्रेस और हथीन में इनेलो के विधायक चुने गए। 22 मई को हुए निकाय चुनाव में सभी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। इस परीक्षा में होडल के कांग्रेसी विधायक उदयभान तो कामयाब रहे, लेकिन पलवल के विधायक करण सिंह दलाल के लिए यह चुनाव चेतावनी के रुप में सामने आया है। उनकी छत्रछाया में इन चुनावों में शहर क्षेत्र के वार्डों में कांग्रेस की दुर्गति हुई है। 

शहर नगर परिषद के 31 वार्डों में से 30 वार्डों में मतदान हुआ था। सीएम के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला के गृह वार्ड नंबर 21 से पहले ही चेतन शर्मा को निर्विरोध चुन लिया गया था। बाकी के तीस वार्डों में जहां बीजेपी ने सभी वार्डों में अपने समर्थकों को उतारा था वहीं विधायक करण सिंह दलाल ने भी अपने समर्थकों के लिए प्रचार किया था। लेकिन अधिकांश वार्डों से दीपक मंगला के समर्थक ही विजयी रहे। जीतने वालों में दलाल समर्थकों की संख्या दो-तीन ही रही। हालांकि दलाल समर्थकों का दावा है कि उनके 10 पार्षद चुने गए हैं। 
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विधायक दलाल के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि उनके अपने वार्ड में ही बीजेपी समर्थित ईशा ग्रोवर चुनाव जीत गईं। जबकि दलाल ने यहां अपने पुराने समर्थक अनिल गुसांई की पत्नी डिंपल गुसांई को मैदान में उतारा था और उनके लिए दलाल परिवार ने जी तोड़ मेहनत की थी। खुद दलाल भी डिंपल के लिए काफी समय तक मतदान केंद्र पर डटे रहे। वहीं दलाल का पैतृक गांव किठवाड़ी, जो कि नगर परिषद में शामिल है। वहां भी उनके विरोधी कर्मबीर दलाल बाजी मार गए। 
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-नगर परिषद चुनाव में उन्होंने उन लोगों का समर्थन किया था, जिनकी कि स्वच्छ छवि थी, चाहे वे उनसे जुड़े हुए थे या विरोधी। लेकिन भाजपा समर्थकों ने चुनाव में जमकर धनबल व बाहुबल का उपयोग किया। सरेआम रुपये व शराब बांटी, फिर भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे रहे। 
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- करण सिंह दलाल, विधायक, पलवल। 
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