पलवल। हरियाणा बैंक कर्मचारी संघ के तत्वावधान में शुक्रवार को जिले के सभी सरकारी बैंकों में हड़ताल की गई। हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर की गई। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक के सामने सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने नारेबाजी की तथा मांग पूरी न करने के विरोध में शनिवार को भी हड़ताल रखने का निर्णय लिया गया। इस हड़ताल से जिले के बैंकों में करीब चार से पांच करोड़ रुपये का एक दिन का नुकसान है। बैंकों की हड़ताल के चलते व्यापार जगत से जुड़े उपभोक्ताओं को काफी नुकसान हुआ।
शुक्रवार को कई उपभोक्ता जब बैंकों में लेन-देन करने के लिए पहुंचे तो उन्हें हड़ताल के बारे में जानकारी हुईं। हालांकि बैंकों की तरफ से उपभोक्ताओं को एसएमएस के द्वारा शुक्रवार व शनिवार को हड़ताल होने की सूचना दे दी गई है। बताया गया कि बैंक हड़ताल के चलते तीन दिन बंद रहेंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होनी है। हड़ताल के कारण उन व्यापारियों व उपभोक्ताओं ने तो लेनदेन ऑनलाइन व नेट बैंकिंग के द्वारा किया, जिन्हें ऐसा करना नहीं आता, वे परेशान रहे तथा उपभोक्ता सुविधा केंद्रों पर लेनदेन करते देखे गए।
उधर हड़ताल पर बैठे बैंक कर्मचारियों ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। हड़ताल के बारे में जानकारी देते हुए सिंडिकेट बैंक के मैनेजर बलजीत धनखड़ ने बताया कि वेज रिविजन को लेकर बैंक कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता नवंबर 2017 से लंबित है। लेकिन सरकार इस समझौते को लागू करना नहीं चाहती है। सरकार कर्मचारियों को साढे़ 13 प्रतिशत देना चाहती है जबकि यूनियन 20 प्रतिशत की मांग कर रही है। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों को स्पेशल अलाउंस बेसिक पे में जुड़ना चाहिए। कर्मचारियों की पेंशन रिविजन होनी चाहिए। केंद्र सरकार व राज्य सरकार में वेज रिविजन के साथ ही पेंशन रिविजन हो जाती है। लेकिन बैंकों में ऐसा नहीं है। बैंक कर्मचारियों ने फैमिली पेंशन काफी कम है। बैंक कर्मचारी यूनियन ने यह निर्णय लिया है कि 1 फरवरी को दो दिवसीय हड़ताल रहेगी इसके अलावा मार्च में तीन दिवसीय हड़ताल और अप्रैल में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।