संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। धान की कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। खेत में मौजूद लाभदायक कीट नष्ट होने और मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा कम होने से भी नुकसान होता है। उपायुक्त ने अधिकारियों से किसानों को बेलर मशीनों समेत वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तरीकों से पराली प्रबंधन के लिए प्रेरित करने को कहा। सरपंचों और नंबरदारों के सहयोग से मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च व मस्जिदों के लाउडस्पीकर से मुनादी कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने पर सरकार की हिदायतों के अनुसार जुर्माना, एफआईआर, रेड एंट्री समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निगरानी रखते हुए एएफएल (अवशेष जलाने की घटना) नहीं होने देने के निर्देश दिए।