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Palwal News: बरात में मांसाहार पर रोक, शामिल होंगे 51 लोग

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मंडकोला में आयोजित 52 पालों की महापंचायत
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52 पालों की महापंचायत में सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लिए गए कई बड़े फैसले
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दहेज प्रथा, मृत्यु भोज, नशाखोरी और फिजूलखर्ची पर रोक का निर्णय, समाज को सही दिशा में ले जाने पर जोर

संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को खत्म कर समाज को सही दिशा में ले जाने के उद्देश्य से रविवार को मंडकोला में आयोजित 52 पालों की महापंचायत में कई महत्वपूर्ण और बड़े फैसले लिए गए। महापंचायत में दहेज प्रथा, मृत्यु भोज, भात-छूछक, तेज संगीत, नशाखोरी और शादी-विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए। बरात में मांसाहार पर रोक और अधिकतम 51 लोगों की मौजूदगी सबसे बड़े निर्णय में शामिल है।

मंडकोला गांव में हुई पंचायत की अध्यक्षता चौधरी धर्मवीर डागर ने की। इस दौरान 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उदय भान, विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया, पूर्व मंत्री करण दलाल, जगदीश नायर व हर्ष कुमार, जिला ब्राह्मण सभा अध्यक्ष विनोद शर्मा, तुहीराम भारद्वाज, पूर्व विधायक प्रवीन डागर, केहर सिंह रावत व टेकचन्द शर्मा, रतन सिंह सौरोत, ज्ञान सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
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महापंचायत में कहा गया कि वर्ष 1974 और 2004 में हुई महापंचायतों के फैसलों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान की जरूरतों के अनुसार ये निर्णय लिए गए हैं। वक्ताओं ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल चर्चा से नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से लिए गए कड़े फैसलों और उनके पालन से ही संभव है।

महापंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि जो परिवार तय सामाजिक नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके कार्यक्रम में समाज का कोई व्यक्ति शामिल नहीं होगा। आयोजकों ने कहा कि 36 बिरादरी और 52 पालों की एकजुटता से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान को मजबूती मिलेगी और समाज को नई व सही दिशा में ले जाने की शुरुआत होगी।
इन चीजों पर पूरी तरह रहेगा प्रतिबंध

52 पालों की महापंचायत में सामाजिक आयोजनों में होने वाली फिजूलखर्ची और नशाखोरी पर रोक लगाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। महापंचायत में घोषणा की गई कि किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में डीजे नहीं बुलाया जाएगा। साथ ही किसी भी कार्यक्रम में खोया और पनीर का उपयोग नहीं किया जाएगा। शादी-विवाह समेत सभी आयोजनों में शराब पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। महापंचायत में लिए गए इन फैसलों का समाज के सभी लोगों से पालन करने का आह्वान किया गया।

सगाई समारोह के लिए भी तय किए नियम

सगाई समारोह को लेकर भी सादगीपूर्ण आयोजन का निर्णय लिया गया। महापंचायत में तय किया गया कि सगाई में लड़के को केवल एक रुपया, पांच कपड़े और एक किलो मिठाई दी जाएगी। इसके अलावा लड़के पक्ष की ओर से सगाई समारोह में परिवार के अधिकतम पांच व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे।
गोद भराई में सादगी

लड़की की गोद भराई की रस्म को लेकर तय किया गया कि गोद भराई में परिवार की पांच महिलाएं और पांच पुरुष ही शामिल हो सकेंगे। इस दौरान गर्भवती को एक अंगूठी, एक जोड़ी कपड़े और एक किलो मिठाई दी जाएगी। वहीं, कन्या पक्ष की ओर से लड़के पक्ष के लोगों को विदाई के समय 101 रुपये दिए जाएंगे। लड़के पक्ष के लोगों को न तो चादर दी जाएगी और न ही कपड़े दिए जाएंगे।
दो व्यक्ति ही लड़के के घर जाएंगे

लग्न की रस्म को लेकर तय किया गया कि कन्या पक्ष की ओर से लग्न लेकर केवल दो व्यक्ति ही लड़के के घर जाएंगे। इस दौरान लड़के को एक रुपया, पांच कपड़े, बताशे और नारियल दिया जाएगा। लग्न लेकर जाने वाले लोगों के लिए मौसम के अनुसार चाय-पानी की व्यवस्था की जाएगी।
भात न्योता में अधिकतम 11 महिलाएं

भात न्योता देने और भात की रस्म को लेकर भी महापंचायत में निर्णय लिया गया कि भात का न्योता देने के लिए अधिकतम 11 महिलाएं जा सकेंगी और उन्हें प्रति व्यक्ति 101 रुपये विदाई के रूप में दिए जा सकेंगे। वहीं, जब भात लेकर जाएंगे तो अधिकतम 11 व्यक्ति ही शामिल होंगे। भात में परिवार के कपड़े, एक तोला सोना, 100 ग्राम चांदी के आभूषण और थाली में 101 रुपये रखे जा सकेंगे। महापंचायत में स्पष्ट किया गया कि निर्धारित सामग्री और राशि अधिकतम सीमा है, इससे अधिक खर्च या सामान देने की अनुमति नहीं होगी। मौसम के अनुसार चाय-पानी की व्यवस्था की जाएगी।
शादी में पनीर से बनी सामग्री का प्रयोग नहीं

महापंचायत में निर्णय लिया गया कि बारात में अधिकतम 51 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। बरातियों के लिए शुद्ध शाकाहारी भोजन की व्यवस्था होगी। भोजन में खोया और पनीर से बनी सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाएगा। साथ ही अधिक मात्रा में मिठाई और जरूरत से ज्यादा सब्जियां बनाने पर भी रोक रहेगी। कन्या पक्ष की ओर से शादी में शामिल लोग कन्यादान के बाद लौट जाएंगे और भोजन नहीं करेंगे। शादी की किसी भी रस्म में अधिकतम 1100 रुपये ही दिए जा सकेंगे। वर पक्ष को कन्यादान के रूप में अधिकतम 11 हजार रुपये, 11 बर्तन, परिवार के सदस्यों के लिए कपड़े, एक संदूक, एक अलमारी, एक बेड, दो तोले सोना और 100 ग्राम चांदी के आभूषण ही दिए जा सकेंगे।

मृत्यु भोज पर पूरी तरह रोक


मृत्यु के बाद आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मौसम के अनुसार चाय-पानी की व्यवस्था की जा सकेगी, लेकिन मृत्यु भोज नहीं किया जाएगा। वहीं, यदि परिवार चाहे तो मृत्यु के एक वर्ष बाद किसी भी व्यक्ति की ओर से कथा के रूप में कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है।
टूटते रिश्तों को बचाने का करेगी प्रयास

गांव स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा। इन कमेटियों की जिम्मेदारी परिवारों के बीच होने वाले विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाने की होगी। कमेटी के सदस्य प्रयास करेंगे कि छोटे-छोटे विवादों के कारण पति-पत्नी या परिवारों के रिश्ते न टूटे और आपसी समझ व सहमति से विवादों का समाधान हो सके।
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तीन स्तर पर बनेंगी समितियां

सामाजिक नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तीन स्तर पर समितियों के गठन का निर्णय लिया गया। महापंचायत में तय किया गया कि ग्राम स्तर पर 36 बिरादरियों की एक समिति गठित की जाएगी, जिसकी हर तीन महीने में बैठक होगी। इसी तरह पाल स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा, जो हर छह महीने में बैठक कर सामाजिक नियमों के पालन की समीक्षा करेगी। इसके अलावा 52 पालों के 52 सदस्यों की एक केंद्रीय समिति बनाई जाएगी, जिसकी हर वर्ष बैठक होगी। इन समितियों के माध्यम से महापंचायत में लिए गए निर्णयों के पालन की समीक्षा करने के साथ सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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