50 कराेड़ की लागत से किया गया निर्माण, करीब 1.50 किलोमीटर लंबा है
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विपिन सैनी
पलवल। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया 1.5 किलोमीटर लंबा बघौला फ्लाईओवर महज नौ महीने बाद ही कई स्थानों पर उखड़ गया है। मानसून की पहली बारिश के साथ ही फ्लाईओवर की सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। लगातार पांचवीं या छठी बार फ्लाईओवर की सड़क क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बघौला फ्लाईओवर का निर्माण चौधरी कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने पिछले वर्ष अक्टूबर में पूरा किया था। अभी तक इसका उद्घाटन भी नहीं हुआ है। कई बार पैचवर्क कर गड्ढों को भरने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार मरम्मत कुछ ही दिनों में जवाब दे गई। अब एक बार फिर सड़क के बीचों-बीच बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बन गए हैं।
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रात के समय रोशनी नहीं रहने से परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर पर रात के समय स्ट्रीट लाइट भी बंद रहती हैं। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और छोटे वाहनों के लिए दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
हैरानी की बात यह है कि गदपुरी टोल प्लाजा से लेकर करमन टोल प्लाजा की दूरी लगभग 45 किलोमीटर है और यहां से लाखों वाहन रोजाना गुजरते हैं। इसके साथ ही वाहन चालकों से प्रतिदिन करीब 95 लाख रुपये का टोल वसूला जाता है। इसके बावजूद सड़क और फ्लाईओवर की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है।
बघौला फ्लाईओवर पर बने गड्ढों की जानकारी मिली है। संबंधित एजेंसी को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के बीच भी जल्द रिपेयर कराया जाएगा और जहां आवश्यकता होगी वहां स्थायी मरम्मत भी कराई जाएगी। फ्लाईओवर की लाइटों के संबंध में भी संबंधित एजेंसी से रिपोर्ट लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -धीरज, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, पलवल