पलवल। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। योजना के फिसड्डी रहने का कारण लोगों को योजना का पात्र होने की जानकारी नहीं होना है। ढाई साल में जिले में केवल 27 फीसदी लोगों के ही योजना के तहत कार्ड बने हैं। जिले में 58 हजार परिवारों के करीब तीन लाख 16 हजार सदस्यों के कार्ड बनाए जाने थे, परंतु अभी तक केवल 14 हजार परिवारों के कुल 86 हजार सदस्यों के ही कार्ड बनाए गए हैं।
दरअसल, सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी। योजना के माध्यम से गरीब, उपेक्षित परिवार और शहरी गरीब लोगों के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाना है। योजना के तहत परिवारों के हिसाब से गोल्डन कार्ड बनाए जाते हैं, जिससे वे सरकारी व निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य लाभ प्रतिवर्ष ले सकते हैं। शुरुआत में जिले में जोरशोर से योजना का प्रचार-प्रसार किया गया, परंतु आज तक लोगों को यह जानकारी नहीं है कि योजना का लाभ लेने के लिए वे पात्र हैं भी या नहीं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी प्रचार के बाद भी लोग आज भी असमंजस की स्थिति में हैं।
योजना के तहत 2011 में हुई थी जनगणना
आयुष्मान भारत योजना में शामिल किए जाने वाले लोगों के लिए वर्ष 2011 में सरकार ने सामाजिक-आर्थिक व जाति जनगणना कराई थी। जनगणना में गरीब व उपेक्षित परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए चिन्हित किया गया था। इनमें ज्यादातर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों को शामिल किया गया। जनगणना में शामिल लोगों व परिवारों की सूची सरकारी वेबसाइट, आशा वर्करों, ग्राम सरपंचों के पास उपलब्ध है। इनके अलावा प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सीएससी सेंटरों पर जाकर भी लोग योजना के तहत अपना नाम देख सकते हैं तथा कार्ड बनवा सकते हैं।
18 अस्पताल हैं योजना में शामिल
आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने के लिए जिले के अंदर 11 निजी तथा सात सरकारी अस्पतालों को शामिल किया गया है। निजी अस्पतालों में गुरुनानक अस्पताल, पलवल अस्पताल, राहुल अस्पताल, गोल्डन अस्पताल, श्री साईं अस्पताल-1 और 2, कॉसमॉस अस्पताल, प्रभा अस्पताल, अपेक्स अस्पताल, गोयल नर्सिग होम और सचिन अस्पताल शामिल हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में जिला नागरिक अस्पताल, हथीन, होडल, दूधौला, अलावलपुर, सौंदहद व मंडकौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन अस्पतालों में पात्र परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ ले सकता है।
आयुष्मान भारत योजना के विस्तार के लिए 15 मार्च तक पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इसमें पात्र लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान लोगों के निशुल्क कार्ड बनाए जाएंगे। लोग कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर अपना नाम लिखवाकर कार्ड निशुल्क बना सकते हैं। सरकार सीएससी सेंटरों को कार्ड बनाने का भुगतान करेगी। पात्र लोगों को आगे आकर स्वास्थ्य लाभ उठाना चाहिए।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन